
उर्से रजवी 2026: 7 से 9 अगस्त तक बरेली में जुटेंगे लाखों जायरीन, तैयारियों का आगाज
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खान फाजिले बरेलवी के 108वें सालाना उर्से रजवी की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। इस वर्ष उर्स का आयोजन 7, 8 और 9 अगस्त को होगा। दरगाह आला हजरत के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां), काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा कादरी और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की।
उर्स की तारीखों के ऐलान के साथ ही देश और विदेश में मौजूद अकीदतमंदों को पैगाम भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों जायरीन के बरेली पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके मद्देनजर दरगाह प्रशासन और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों ने प्रारंभिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बरेली को सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। उर्स के दौरान शहर में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। तीन दिनों तक दरगाह क्षेत्र समेत पूरा शहर रूहानी माहौल और अकीदत के रंग में सराबोर रहता है।
दरगाह से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार उर्स के अवसर पर जायरीन की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। स्वयंसेवी संगठन खिदमत के कार्यों में जुटेंगे और ठहरने, भोजन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
इस वर्ष उर्स की तारीखों में विशेष बदलाव देखने को मिलेगा। परंपरागत रूप से यह आयोजन 23 से 25 सफर के बीच होता है, लेकिन इस बार इस्लामी कैलेंडर के अनुसार उर्स 22 सफर से शुरू होगा। साथ ही आयोजन सावन माह में होने से धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष संगम देखने को मिलने की संभावना है।
उर्से रजवी के दौरान रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रमुख मार्गों और दरगाह क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां जल्द शुरू की जा सकती हैं।