ट्रेंडिंग स्टोरी
विज्ञापन

एक ही नोटिस… जिसमें तीन इमारतें, लेकिन कार्रवाई सिर्फ दो पर! ‘अशोका फोम’ पर आखिर किसकी मेहरबानी?

Spread the love

एक ही नोटिस… जिसमें तीन इमारतें, लेकिन कार्रवाई सिर्फ दो पर! ‘अशोका फोम’ पर आखिर किसकी मेहरबानी?

फायर विभाग ने बताया जोखिमपूर्ण, बीडीए ने कहा हाईकोर्ट का स्टे… लेकिन आखिर सच क्या है?

शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म, दो होटल सील… लेकिन अशोका फोम पर क्यों नहीं हुई सीलिंग की कार्यवाही?

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली।  लखनऊ अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी नियमों को लेकर प्रशासनिक सख्ती देखने को मिल रही है। इसी क्रम में बरेली में फायर विभाग और बीडीए की संयुक्त टीम ने फायर एनओसी के अभाव में होटल राजानी और होटल सैटेलाइट पर सीलबंदी की कार्रवाई कर दी। लेकिन इस कार्रवाई ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।

दरअसल, फायर विभाग की ओर से जारी नोटिस में तीन इमारतों को फायर सुरक्षा मानकों के लिहाज से जोखिमपूर्ण बताया गया था। इनमें दोनों होटलों के साथ सिविल लाइंस स्थित अशोका फोम शोरूम का नाम भी शामिल था। बावजूद इसके कार्रवाई केवल दो होटलों तक ही सीमित रह गई, जबकि तीसरी इमारत पर अब तक कोई सीलबंदी नहीं हुई!

सूत्रों के मुताबिक शहर में यह चर्चा भी जोरों पर है कि प्रस्तावित कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले शोरूम संचालक ने फायर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी और बीडीए के एक अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जब शोरूम संचालक अशोक गोयल से इस संबंध में पक्ष लिया गया तो उनका कहना था कि उनकी बिल्डिंग फायर विभाग और बीडीए के सभी मानकों को पूरा करती है।

वहीं, बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने कहा कि संबंधित शोरूम को हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त है, इसलिए सीलबंदी नहीं की गई।

दूसरी ओर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान शोरूम में कई खामियां मिली थीं, जिसके आधार पर सीलबंदी की संस्तुति करते हुए बीडीए को पत्र भेजा गया था। अब आगे की कार्रवाई बीडीए के अधिकार क्षेत्र में है।

👉अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि भवन को हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त था तो फायर विभाग ने उसे जोखिमपूर्ण बताते हुए सीलबंदी की संस्तुति क्यों की?

👉और यदि वास्तव में भवन में फायर सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां मौजूद हैं, तो किसी संभावित हादसे की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

शोरूम में बताई गई प्रमुख खामियां :-

👉भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक, लेकिन दूसरी सीढ़ी नहीं।

👉भवन में आवश्यक सेटबैक का अभाव।

👉फायर विभाग की एनओसी उपलब्ध नहीं।

👉फायर एग्जिट गेट नहीं होने का उल्लेख।

👉फायर सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta