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सीमा पर सन्नाटा, पुलिस चौकी पर ताला! एसएसपी के आदेश बेअसर, अपराधियों के हौसले बुलंद

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सीमा पर सन्नाटा, पुलिस चौकी पर ताला! एसएसपी के आदेश बेअसर, अपराधियों के हौसले बुलंद

बॉर्डर चौकी पर ‘ताला राज’! फरियादी लौटे मायूस, अपराधियों के लिए खुला सेफ कॉरिडोर

जब मन हुआ चौकी खुली, जब चाहा ताला… बॉर्डर पर पुलिस चौकी बनी मजाक, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

रिपोर्ट : विवेक गुप्ता,  (सिरौली)

सिरौली। जनपद की सीमाओं की निगरानी और अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश्य से स्थापित कैलाश नाथ मणि पुलिस चौकी इन दिनों खुद सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी का संचालन तय समय और नियमों के बजाय कर्मचारियों की सुविधा के अनुसार हो रहा है। कई बार शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को चौकी पर पुलिसकर्मियों के बजाय बंद ताला ही दिखाई देता है, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जाता है कि यह चौकी सिरौली और मीरगंज थाना क्षेत्र की सीमा के बेहद संवेदनशील स्थान पर स्थित है। ऐसे में चौकी का अक्सर बंद मिलना लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बेहद जरूरी है, लेकिन चौकी पर नियमित रूप से स्टाफ उपलब्ध न होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में इसी इलाके के आसपास अवैध तमंचों और डोडा तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई भी सामने आ चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब क्षेत्र संवेदनशील है तो चौकी पर लगातार पुलिस की मौजूदगी क्यों सुनिश्चित नहीं की जा रही। लोगों का मानना है कि यदि चौकी सक्रिय रहे तो अपराधियों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी कई बार ऐसे बंद मिलती है मानो कोई निजी कार्यालय हो, जहां सुविधा के अनुसार ताला खोला और बंद किया जाता हो। इससे फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ता है और पुलिस व्यवस्था की छवि भी प्रभावित होती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सख्ती के निर्देश दिए जाने के बावजूद यदि सीमा चौकियों की यह स्थिति है तो जवाबदेही किसकी तय होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस व्यवस्था का संज्ञान लेकर चौकी को नियमित रूप से संचालित कराने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर किसी बड़ी घटना के बाद ही व्यवस्था जागेगी? यह सवाल फिलहाल क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta