ट्रेंडिंग स्टोरी
विज्ञापन

 बरेली मे साइबर अपराध पर किसका शिकंजा मजबूत, किसकी कार्रवाई सुस्त? किला बना नंबर-1, इज्जतनगर फिसड्डी

Spread the love

 

 

 

 बरेली मे साइबर अपराध पर किसका शिकंजा मजबूत, किसकी कार्रवाई सुस्त? किला बना नंबर-1, इज्जतनगर फिसड्डी

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। साइबर अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर अब बरेली पुलिस में थानों के बीच रैंकिंग की होड़ होगी। मुकदमा दर्ज करने के साथ ही पीड़ित का पैसा वापस कराना, ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर बंद कराना और लंबित शिकायतों का समय से निस्तारण करना भी थानों के प्रदर्शन का पैमाना बनेगा। एसएसपी अनुराग आर्य ने जिले के 28 थानों और साइबर थाने के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया है। 200 अंकों की रैंकिंग में किला थाना 145.08 अंक के साथ अव्वल रहा, जबकि इज्जतनगर 24.93 अंक लेकर 29वें और अंतिम स्थान पर रहा।

बरेली साइबर क्राइम थानों की रैंकिंग

किला, हाफिजगंज और साइबर थाना टॉप-3 में

किला थाना – 145.08 अंक, प्रथम स्थान

हाफिजगंज – 143.43 अंक, द्वितीय स्थान

साइबर थाना – 142.13 अंक, तृतीय स्थान

फतेहगंज पूर्वी – 139.72 अंक, चौथा स्थान

आंवला – 138.48 अंक, पांचवां स्थान

अलीगंज – 136.16 अंक, छठा स्थान

मीरगंज – 132.37 अंक, सातवां स्थान

प्रेमनगर – 131.68 अंक, आठवां स्थान

फतेहगंज पश्चिमी – 130.90 अंक, नौवां स्थान

शेरगढ़ – 127.45 अंक, दसवां स्थान

टॉप-3 में किला और साइबर थाने के बीच अंतर बेहद कम रहा। पहले स्थान पर रहे किला थाने और तीसरे स्थान के साइबर थाने के बीच सिर्फ 2.95 अंक का फर्क है।

इज्जतनगर सबसे पीछे, बारादरी और कोतवाली भी पिछड़े

रैंकिंग में शहर के कुछ प्रमुख थानों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

इज्जतनगर – 24.93 अंक, 29वां स्थान

बारादरी – 58.84 अंक, 28वां स्थान

कोतवाली – 68.61 अंक, 27वां स्थान

बहेड़ी – 72.56 अंक, 26वां स्थान

भोजीपुरा – 93.12 अंक, 25वां स्थान

शीशगढ़ – 95.12 अंक, 24वां स्थान

देवरनियां – 99.99 अंक, 23वां स्थान

इसके अलावा भमौरा 22वें, कैंट 21वें और शाही 20वें स्थान पर रहा।

सिर्फ एफआईआर नहीं, 14 मानकों पर तय होगी रैंक

पुलिस की इस व्यवस्था में थानों को कुल 14 अलग-अलग कसौटियों पर परखा गया है। इनमें प्रमुख रूप से—

NCRP शिकायतों का समय से निस्तारण।

साइबर अपराध की एफआईआर दर्ज करना और उसे पोर्टल पर अपलोड करना।

ठगी की रकम पर लियन लगवाना।

CEIR के जरिये चोरी या गुम मोबाइल की बरामदगी।

संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कराना।

Money Restoration Module (MRM) के जरिए पीड़ित की रकम वापस कराना।

GRM और JIMS से संबंधित मामलों का निस्तारण।

लापरवाही पर कटेंगे अंक, पेंडेंसी बनेगी सबसे बड़ा रोड़ा

नई रैंकिंग में लंबित मामलों को गंभीरता से लिया गया है। MRM और GRM का कोई मामला लंबित रहने पर एक-एक अंक की कटौती होगी। वहीं संदिग्ध मोबाइल नंबरों की ब्लॉकिंग से जुड़ी शिकायत लंबित रखने पर प्रति केस दो अंक काटे जाएंगे। यानी थाने में साइबर शिकायतों की पेंडेंसी बढ़ी तो उसका सीधा असर रैंकिंग पर पड़ेगा।

हर महीने बनेगा नया रिपोर्ट कार्ड, टॉप-3 को मिलेगा इनाम

यह व्यवस्था सिर्फ एक महीने की परीक्षा नहीं है। सभी 28 थानों और साइबर थाने की हर महीने इन्हीं 14 मानकों पर दोबारा रैंकिंग की जाएगी।

प्रथम स्थान वाली साइबर टीम को 10 हजार रुपये।

द्वितीय स्थान वाली टीम को 7,500 रुपये।

तृतीय स्थान वाली टीम को 5 हजार रुपये पुरस्कार मिलेगा।

वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाली टीमों पर विभागीय शिकंजा कस सकता है। फिलहाल अंतिम तीन स्थानों पर रहने वाली टीमों को चेतावनी दी गई है। आगे भी प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित थाना प्रभारी और साइबर टीम के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।अब साइबर अपराध में थाने की पहचान सिर्फ एफआईआर दर्ज करने से नहीं, बल्कि पीड़ित का पैसा वापस कराने और शिकायत को अंजाम तक पहुंचाने से तय होगी।

 

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta