
सिरौली में सरकारी राशन की दुकान के सामने कथित खरीद-फरोख्त का मामला, गरीबों के हक पर उठे सवाल; जांच की मांग तेज, देखें वायरल वीडिओ…
रिपोर्ट : विवेक गुप्ता
बरेली ! बरेली के कस्बा सिरौली के मोहल्ला साहूकारा में सरकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर एक गंभीर मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी उचित दर (राशन) की दुकान के ठीक सामने एक व्यक्ति लंबे समय से लाभार्थियों से सरकारी राशन खरीदने का काम कर रहा है। आरोप है कि यह गतिविधि खुलेआम हो रही है, लेकिन अब तक संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही पात्र कार्डधारक सरकारी राशन लेकर दुकान से बाहर निकलते हैं, कथित तौर पर वहीं मौजूद व्यक्ति उनसे गेहूं और चावल खरीद लेता है। लोगों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से जारी है, जिससे सरकारी राशन व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रियायती दरों पर राशन उपलब्ध कराती है। यदि सरकारी खाद्यान्न की इस प्रकार खुलेआम खरीद-फरोख्त हो रही है, तो इससे योजना के मूल उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लोगों का यह भी कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
जानकारों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से संबंधित नियमों तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन का हो सकता है। यदि किसी उचित दर विक्रेता, सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, जिला पूर्ति अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मौके पर निरीक्षण करने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचना चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।