
प्यार की ज़िद और अपनों का ही खंजर! बरेली में ‘ऑनर किलिंग’ से सनसनी, सिंघम पुलिस ने 24 घंटे में खोला राज
रिपोर्ट :विवेक गुप्ता
सिरौली। कहते हैं कि दुनिया में माता-पिता और भाई से बड़ा कोई रक्षक नहीं होता, लेकिन जब वही रक्षक भक्षक बन जाएं, तो रूह कांप उठती है। सिरौली के ग्राम बरसेर में प्यार की ज़िद पर अड़ी 18 साल की मासूम क्रांति को उसके ही सगे खून ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
क्रांति गांव के ही अकरम नाम के लड़के से मोहब्बत करती थी और उसी से निकाह की ज़िद पर अड़ी थी। 26 मई को पिता महेंद्र ने उसे बात करते देख लिया। बस फिर क्या था, तथाकथित ‘इज्जत’ का भूत सिर पर ऐसा सवार हुआ कि पिता महेंद्र (50 वर्ष) और उसके दो बेटों—आकाश व अमन—ने मिलकर क्रांति को बेरहमी से पीटा और रात के सन्नाटे में गला घोंटकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। बीमारी का झूठा नाटक और पुलिस का ‘यू-टर्न’
हत्या के बाद शातिर परिजनों ने कहानी गढ़ी कि क्रांति मिर्च तोड़ने खेत में जाती थी और बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई। वे बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार की फिराक में थे। लेकिन तभी एंट्री हुई सिरौली थाना प्रभारी विनोद सिंह की। पुलिस ने सूझबूझ से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जहां रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि मामला बीमारी का नहीं। बल्कि ‘थ्रोटलिंग’ (गला घोंटना) का है। महज़ 18 घंटे में ‘सिंघम’ स्टाइल में खुलासा
बिना किसी लिखित तहरीर के भी थाना प्रभारी विनोद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महज़ 18 घंटे के भीतर इस खौफनाक सच का भंडाफोड़ कर तीनों हत्यारे आरोपियों (महेंद्र, आकाश और अमन) को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
सलामी के हकदार: जांबाज पुलिस टीम
थाना प्रभारी विनोद सिंह
उपनिरीक्षक सचिन मलिक
हेड कांस्टेबल वेदराम सिंह
कांस्टेबल भरत वीर, निशांत चौधरी
त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के लिए इस समय पूरे इलाके में सिरौली पुलिस की जमकर तारीफ हो रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है।