
लूट की शिकार महिला बोली—‘इंसाफ मांगने पर मिला अपमान’; किला पुलिस पर गंभीर आरोप
एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा, विवेचक पर अभद्र भाषा और दबाव बनाने के आरोप; एसएसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली ! बरेली के किला थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रिंसी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि लूट के मुकदमे में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की और आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
पीड़िता का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराने के लिए उसे काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन एफआईआर के बाद भी न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और न ही विवेचना की प्रगति की कोई स्पष्ट जानकारी दी गई।
कार्रवाई न होने से परेशान होकर महिला ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उसे चौकी बुलाया गया, घटना की जानकारी ली गई और उसकी फोटो भी खींची गई। महिला का आरोप है कि उसे यह तक नहीं बताया गया कि फोटो किस उद्देश्य से ली जा रही है।
शिकायत के अनुसार, बाद में जब उसने विवेचक दरोगा पीयूष से फोन पर अपने मुकदमे की स्थिति जाननी चाही तो मदद करने के बजाय कथित रूप से उससे कहा गया— “तुम्हारे चक्कर में पुलिस परेशान है, तुम घर बैठी हो और हम परेशान हैं।” महिला ने इसे मानसिक उत्पीड़न और अपमानजनक व्यवहार बताया है।
पीड़िता का दावा है कि उसके पास इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। उसने एसएसपी से रिकॉर्डिंग की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में महिला ने लूट के मुकदमे की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मुकदमे की लिखित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने और भविष्य में किसी भी पीड़िता के साथ इस तरह का व्यवहार न होने की मांग की है।
फिलहाल, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा एसएसपी को दिए गए प्रार्थना-पत्र में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में बरेली पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।