मुरादाबाद बुर्का विवाद में पहनने और पहनाने वाले, दोनों पर हो सख्त कार्रवाई शहाबुद्दीन रिज़वी
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
मुरादाबाद/बिलारी। मुरादाबाद-बिलारी क्षेत्र में सामने आए बुर्का विवाद मामले में पीड़ित नाबालिग छात्रा का बयान सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि उस पर जबरदस्ती बुर्का पहनाने की कोशिश की गई। पीड़िता के मुताबिक उससे कहा गया कि “बुर्का पहनकर तुम अच्छी लगोगी।”
इतना ही नहीं, छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था और मांसाहार खाने की जिद की जाती थी।
पीड़ित छात्रा के बयान के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। नाबालिग से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रा के परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेली ने कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बुर्का पहनने या किसी पर जबरन बुर्का पहनाने दोनों ही स्थितियों में कानून का उल्लंघन होता है।
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा, “कानून की नजर में जबरदस्ती करवाने वाला भी अपराधी है और जानबूझकर नियम तोड़ने वाला भी। दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी नाबालिग पर धार्मिक प्रतीक थोपना, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना या खान-पान को लेकर मजबूरी पैदा करना पूरी तरह गलत है और इसकी अनुमति न समाज देता है, न ही कानून।
मौलाना ने प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।