
बरेली मे एक्सपायरी तेल से बन रही थी नमकीन, एफएसडीए का बड़ा एक्शन; 89 टीन पामोलीन ऑयल सीज
बरेली में नमकीन फैक्ट्रियों पर छापा, करीब दो लाख का एक्सपायरी तेल जब्त, दूसरी यूनिट को भी दिया नोटिस
सेहत से खिलवाड़ पर सख्ती: एक्सपायर पामोलीन ऑयल मिलने से मचा हड़कंप, जांच के लिए नमूने लिए गये
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित दो नमकीन निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान एक फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी पामोलीन रिफाइंड तेल मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने उसे मौके पर ही सीज कर दिया। जब्त किए गए तेल की अनुमानित कीमत करीब 1.96 लाख रुपये बताई गई है। वहीं दूसरी फैक्ट्री में साफ-सफाई और उत्पादन व्यवस्था में खामियां मिलने पर संचालक को सुधार नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तथा जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य राहुल सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीम ने यह कार्रवाई की। सबसे पहले टीम ने परसाखेड़ा स्थित आलम फूड प्रोडक्ट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नमकीन निर्माण में उपयोग के लिए रखा गया रिफाइंड पामोलीन तेल संदिग्ध पाया गया। रिकॉर्ड और पैकिंग की जांच करने पर पता चला कि तेल की एक्सपायरी अवधि मई 2026 में समाप्त हो चुकी थी।
निरीक्षण के दौरान कुल 89 टीन, जिनका वजन लगभग 1335 किलोग्राम था, विभाग ने तत्काल अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिए। अधिकारियों के अनुसार जब्त तेल की अनुमानित कीमत 1,96,245 रुपये है। इसके अलावा फैक्ट्री में तैयार की जा रही नमकीन के नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उत्पाद की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
पूछताछ के दौरान फैक्ट्री संचालक ने अधिकारियों को बताया कि संबंधित तेल का स्टॉक करीब दो घंटे पहले ही एक थोक विक्रेता से प्राप्त हुआ था। उसने खरीद से संबंधित बिल भी अधिकारियों को उपलब्ध कराया। हालांकि एफएसडीए ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सक्षम न्यायालय में वाद दायर कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद विभागीय टीम ने एके नमकीन फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया। यहां उत्पादन प्रक्रिया और स्वच्छता व्यवस्था में कई कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालक को सुधार नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सहायक आयुक्त खाद्य राहुल सिंह ने कहा कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी कारोबारी नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील सचान, इन्द्रजीत सिंह और तेज बहादुर सिंह सहित विभाग की टीम मौजूद रही!