
बरेली के फाइव स्टार होटल “रामाडा एनकोर” में डेटा कांड! कर्मचारी पर ग्राहकों की गोपनीय जानकारी ले जाने का आरोप
होटल छोड़ने से पहले खेल गया बड़ा खेल? सिस्टम से फाइलें गायब, मैनेजमेंट में हड़कंप
ग्राहकों की प्राइवेसी पर खतरा! लक्जरी होटल से डेटा चोरी के आरोप ने बढ़ाई चिंता
डेटा चोरी की साजिश या अंदरूनी खेल? फाइव स्टार होटल के दो लोगों पर FIR
नौकरी छोड़ी और पीछे छोड़ गया बवाल! होटल का डिजिटल रिकॉर्ड गायब होने से मचा हड़कंप
फाइव स्टार होटल में डेटा चोरी का बड़ा मामला, ग्राहकों की गोपनीय जानकारी लीक होने की आशंका से हड़कंप
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली ! बरेली के एक प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल में कथित डेटा चोरी का मामला सामने आने के बाद होटल प्रबंधन और कर्मचारियों में खलबली मच गई है। आरोप है कि होटल में कार्यरत एक कर्मचारी नौकरी छोड़ने से पहले ग्राहकों से जुड़ी गोपनीय जानकारी और महत्वपूर्ण व्यावसायिक रिकॉर्ड अपने साथ ले गया। इतना ही नहीं, उस पर कंप्यूटर सिस्टम से कई अहम फाइलें हटाने का भी आरोप लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, होटल के मानव संसाधन विभाग से जुड़े अधिकारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि कर्मचारी फरीद खान अचानक नौकरी छोड़कर चला गया। शुरुआत में इसे सामान्य इस्तीफा माना गया, लेकिन बाद में जब डिजिटल रिकॉर्ड और कंप्यूटर सिस्टम की जांच की गई तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां गायब मिलीं।
होटल प्रबंधन का दावा है कि ग्राहकों का संवेदनशील डेटा, आंतरिक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सिस्टम से हटाए गए हैं। आरोप यह भी है कि डिजिटल सबूत मिटाने के उद्देश्य से कुछ फाइलों को डिलीट किया गया, जिससे डेटा को दोबारा हासिल करने में दिक्कतें आ रही हैं।
मामले में एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद साजिद अंसारी का नाम भी सामने आया है। शिकायत के अनुसार, उस पर कथित तौर पर पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब दोनों व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
घटना सामने आने के बाद होटल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि मामला केवल व्यावसायिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों की निजता और डेटा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग हुआ तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
उधर, बारादरी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रूप से लिया गया डेटा कहां गया और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
