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होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगा अमेरिकी सैन्य पहरा, ट्रंप ने सैनिकों की वापसी का किया ऐलान

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होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगा अमेरिकी सैन्य पहरा, ट्रंप ने सैनिकों की वापसी का किया ऐलान

ईरान के सामने रखीं सख्त शर्तें, तेल आपूर्ति सामान्य होने से वैश्विक बाजार को राहत की उम्मीद

रिपोर्ट : नई दिल्ली ब्यूरो 

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में लागू नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने का फैसला किया है। ट्रंप ने कहा कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की चरणबद्ध वापसी शुरू कर दी गई है और अब अमेरिका की ओर से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर सैन्य अवरोध बनाए रखने की कोई योजना नहीं है।

राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है। बीते कई सप्ताहों से सुरक्षा कारणों और सैन्य गतिविधियों के चलते इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था।

तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को मिलेगी राहत

नाकेबंदी हटने के बाद समुद्री मार्ग पर फंसे तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों के लिए रास्ता साफ होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की आपूर्ति सामान्य होगी और ऊर्जा बाजार में बनी अस्थिरता कम हो सकेगी। इसके साथ ही विभिन्न देशों के आयात-निर्यात कारोबार को भी गति मिलने की संभावना है।

ईरान को दी स्पष्ट चेतावनी
ट्रंप ने नाकेबंदी हटाने की घोषणा के साथ ही ईरान को कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ईरान को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह भविष्य में किसी भी प्रकार के परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में कदम नहीं बढ़ाएगा।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रहा है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किए गए वादों का उल्लंघन करता है या फिर हथियार स्तर की गतिविधियों की ओर बढ़ता है तो अमेरिका आवश्यक और सख्त कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए तय किए गए नए नियम

अमेरिकी राष्ट्रपति ने समुद्री मार्ग के संचालन को लेकर कुछ प्रमुख सिद्धांत भी सामने रखे। उनके अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के जहाजों के लिए दोनों दिशाओं में निर्बाध रूप से खुला रहना चाहिए। किसी भी जहाज या देश से अतिरिक्त शुल्क अथवा मनमाना कर वसूलने की अनुमति नहीं होगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो।

इसके अलावा समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रंप ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद संभावित बारूदी सुरंगों और अन्य खतरनाक अवरोधों की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इससे व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है सकारात्मक प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति सामान्य रहती है तो इसका सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की आपूर्ति सुचारु होने से कई देशों में ईंधन कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल सकती है।

हालांकि क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी प्रशासन की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ताओं और कूटनीतिक प्रयासों पर पूरी दुनिया की नजर

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta