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श्री राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से टूटा एमडी का छात्र, मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

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श्री राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से टूटा एमडी का छात्र, मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

40-40 घंटे ड्यूटी, मानसिक प्रताड़ना का आरोप; सीनियर डॉक्टरों पर एफआईआर

बरेली के SRMS मेडिकल कॉलेज में रैगिंग कांड: अवसाद में गया छात्र, तीसरी मंजिल से कूदा

‘रात-रात भर भेजते थे मैसेज’, एमडी छात्र के पिता ने खोली सीनियरों की पोल

श्री राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का खौफनाक आरोप, छात्र ICU पहुंचा, प्रबंधन पर भी उठे सवाल

रैगिंग से परेशान एमडी छात्र ने तीसरी मंजिल से लगाई छलांग, सीनियर डॉक्टरों समेत कई पर मुकदमा

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। श्रीराम मूर्ति मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। एमडी मेडिसिन प्रथम वर्ष के एक छात्र ने कथित तौर पर सीनियरों की प्रताड़ना से तंग आकर कॉलेज भवन की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल छात्र कई दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहा। अब पीड़ित के पिता की शिकायत पर भोजीपुरा थाना पुलिस ने कई सीनियर डॉक्टरों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिजनौर जिले के किरतपुर क्षेत्र निवासी सुधीर पाराशर ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके बेटे आशु पाराशर ने श्रीराम मूर्ति मेडिकल कॉलेज में एमडी मेडिसिन प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। प्रवेश के बाद से ही कुछ सीनियर छात्र और डॉक्टर लगातार उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे।

परिजनों के मुताबिक ड्यूटी के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था और अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं। इतना ही नहीं, ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी उसे घंटों तक रोककर निजी कार्य कराए जाते थे। आरोप है कि छुट्टी और रविवार के दिन भी उसे जबरन बुलाया जाता था।

देर रात मैसेज और लगातार काम का दबाव

परिजनों का कहना है कि सीनियर छात्र देर रात तक मैसेज कर उसे परेशान करते थे। पैरों में घाव होने के बावजूद उसे राहत नहीं दी गई और लगातार लंबे समय तक काम कराया गया। परिवार का आरोप है कि कई बार उसे 40-40 घंटे तक बिना पर्याप्त आराम के ड्यूटी करनी पड़ी।

बताया गया कि आशु ने अपनी समस्या विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता गुप्ता के समक्ष भी रखी थी, लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार बढ़ते मानसिक दबाव के चलते उसकी हालत बिगड़ती चली गई और वह अवसाद का शिकार हो गया।

तीसरी मंजिल से कूदने के बाद मचा हड़कंप

आरोप है कि मानसिक तनाव और प्रताड़ना से परेशान होकर छात्र ने 2 मई को कॉलेज की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक उसका उपचार चलता रहा।

सीनियर डॉक्टरों समेत कई लोगों पर मुकदमा

पीड़ित के पिता की तहरीर पर भोजीपुरा पुलिस ने डॉ. रितेश गोयल, डॉ. कुशाग्र शर्मा, डॉ. मानस खंडेलवाल, डॉ. लतिका समेत अन्य छात्रों और संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर भी उठे सवाल

परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद भी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन को लिखित शिकायत भेजने के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि दर्ज मुकदमे के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta