
ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर, अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। तेहरान पर कथित संयुक्त हमले के बाद ईरान ने कड़ा पलटवार किया है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव बढ़ गया है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की पुष्टि के बाद 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं हो पाई है।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा
ईरान की ओर से कहा गया है कि उसने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों समेत मध्य-पूर्व में 14 ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया है। इस बीच Donald Trump ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि यदि अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा तो “ईरान को ऐसी चोट दी जाएगी जिसे वह भूल नहीं पाएगा।”
इजरायल और क्षेत्रीय देशों पर भी असर
तनाव बढ़ने के साथ ही Israel और Iran के बीच सीधा टकराव और गहरा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार लेबनान स्थित Hezbollah और यमन के हूती विद्रोहियों ने भी मिसाइल गतिविधियां तेज कर दी हैं।
सऊदी अरब, कतर, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने हवाई सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले गए हैं और तेल बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।