निलंबन के बाद नया विवाद: सिटी मजिस्ट्रेट की कार की ‘CM’ प्लेट पर मचा सियासी घमासान

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निलंबन के बाद नया विवाद: सिटी मजिस्ट्रेट की कार की ‘CM’ प्लेट पर मचा सियासी घमासान

रिपोर्ट /सौरभ गुप्ता

बरेली। बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री से जुड़ा मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। निलंबन और धरना-प्रदर्शन के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

इस बार बहस की वजह बनी है उनकी सरकारी गाड़ी पर लगी लाल रंग की प्लेट, जिस पर बड़े अक्षरों में “CM” लिखा हुआ दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से उठा सवाल
निलंबन के बाद जैसे ही सिटी मजिस्ट्रेट की सरकारी गाड़ी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, वैसे ही लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।

आपत्ति जताने वालों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में “CM” शब्द आमतौर पर मुख्यमंत्री के पद से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वाहन पर “CM” अंकित कराना न केवल भ्रम पैदा करता है, बल्कि नियमों और प्रशासनिक मर्यादा के भी खिलाफ है।

सिटी मजिस्ट्रेट के पद की शॉर्ट फॉर्म बताई जा रही वजह बताया जा रहा है कि अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद की शॉर्ट फॉर्म के तौर पर अपनी गाड़ी पर “CM” लिखवाया था और उसी वाहन से वे लंबे समय तक शहर में आवागमन करते रहे। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि प्रशासनिक पदों के लिए इस तरह की शॉर्ट फॉर्म का सार्वजनिक उपयोग विवाद को जन्म दे सकता है।

पहले भी जताई गई थी आपत्ति सूत्रों के अनुसार, यह मुद्दा नया नहीं है। पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस प्लेट पर आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी थी। सिटी मजिस्ट्रेट को सलाह दी गई थी कि वे वाहन पर पूरा पदनाम लिखवाएं या सामान्य सरकारी नंबर प्लेट का उपयोग करें, ताकि किसी तरह का भ्रम न फैले। इसके बावजूद प्लेट नहीं हटाए जाने की बात अब चर्चा का विषय बन गई है।

निलंबन के बाद और गहराया मामला
सिटी मजिस्ट्रेट के निलंबन, उनके समर्थन में हुए धरना-प्रदर्शनों और प्रशासन पर लगाए गए आरोपों के बाद यह नया विवाद आग में घी का काम कर रहा है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि जब पहले ही आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी थी, तो नियमों की अनदेखी क्यों होती रही।

प्रतीक बनती जा रही सरकारी गाड़ी
राजनीतिक गलियारों में अब इस पूरे मामले को सिर्फ नंबर प्लेट तक सीमित नहीं देखा जा रहा। इसे सत्ता, अधिकार और व्यवस्था के बीच टकराव के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है। प्रशासन पहले ही इस प्रकरण को लेकर दबाव में है और अब यह नया विवाद उसे फिर से कटघरे में खड़ा करता नजर आ रहा है।

मामला बढ़ता जा रहा है
स्पष्ट है कि बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री से जुड़ा विवाद अब केवल इस्तीफे या निलंबन तक सीमित नहीं रह गया है। उनकी सरकारी गाड़ी से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक, हर पहलू पर सवाल खड़े हो चुके हैं और यह प्रकरण लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है।

 

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta