Know Bareilly’ संवाद में उभरी शहर की प्राचीन पहचान, पांचाल से जुड़े इतिहास पर मंथन

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‘Know Bareilly’ संवाद में उभरी शहर की प्राचीन पहचान, पांचाल से जुड़े इतिहास पर मंथन

बरेली की मिट्टी में रची विरासत पर संवाद, सीईओ रेज़िडेंस में जुटे प्रशासन, सेना और शिक्षा जगत के दिग्गज

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने व संजोने के उद्देश्य से शुक्रवार को सीईओ रेज़िडेंस, बरेली में “Know Bareilly: Stories of the Soil” विषय पर एक विचारोत्तेजक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीईओ डॉ. तनु जैन ने की।

इस विशेष संवाद का उद्देश्य बरेली के गौरवशाली अतीत, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक परंपराओं पर विमर्श करते हुए विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्व को एक साझा मंच पर लाना रहा।

कार्यक्रम में ब्रिगेडियर गगनदीप, ब्रिगेडियर हरजीत सिंह, महापौर उमेश गौतम, चेयरमैन केशव अग्रवाल, रोहिलखंड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ एवं प्रख्यात प्रोफेसरगण, साथ ही पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

संवाद के दौरान वक्ताओं ने बरेली के प्राचीन इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। चर्चा में बताया गया कि बरेली की ऐतिहासिक जड़ें वैदिक कालीन पांचाल राज्य से जुड़ी रही हैं, जो ज्ञान, संस्कृति और प्रशासन का एक समृद्ध केंद्र माना जाता था। महाभारत, वेदों और पुराणों में वर्णित पांचाल क्षेत्र की बौद्धिक परंपराएं आज भी बरेली की पहचान का अहम हिस्सा हैं।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बरेली की यह विरासत हेरिटेज टूरिज़्म, शैक्षणिक शोध और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में नई संभावनाओं के द्वार खोलती है। प्रशासन, सेना, शिक्षा जगत और समाज के आपसी सहयोग से बरेली को एक सशक्त सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

इस अवसर पर सीईओ डॉ. तनु जैन ने कहा कि बरेली की पहचान केवल वर्तमान विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी असली आत्मा उसकी मिट्टी में छिपी कहानियों में बसती है। इन ‘Stories of the Soil’ को सहेजना और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य में ऐसे संवादात्मक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने के संकल्प के साथ हुआ।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta