
बरेली के किला छेत्र में बंटवारे की जंग बनी मौत की वजह! पूर्व पार्षद को तीसरी मंजिल से धक्का देकर हत्या का आरोप, भाई गिरफ्तार
संपत्ति विवाद में खून का रिश्ता हुआ तार-तार, पूर्व पार्षद की मौत के बाद दो भतीजों की तलाश में पुलिस
किला क्षेत्र में पूर्व पार्षद और कारोबारी सूर्य प्रकाश गुप्ता की मौत के मामले में बड़ा खुलासा। बेटे का आरोप—चाचा और चचेरे भाइयों ने तीसरी मंजिल से धक्का देकर उतारा मौत के घाट। मुख्य आरोपी भाई गिरफ्तार, दो भतीजे फरार।
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। किला थाना क्षेत्र में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को ऐसी त्रासदी दी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पूर्व पार्षद एवं कपड़ा कारोबारी सूर्य प्रकाश गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस जांच में हत्या के आरोप सामने आने पर मृतक के भाई विष्णु गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके दोनों बेटे अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
जानकारी के अनुसार मुरावपुरा निवासी सूर्य प्रकाश गुप्ता शहर के जाने-माने कपड़ा कारोबारी थे और पूर्व में पार्षद भी रह चुके थे। परिवार के बीच पैतृक मकान और संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार को यही विवाद हिंसक रूप ले बैठा।
मृतक के पुत्र आशुतोष गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह विष्णु गुप्ता घर पहुंचे और मकान खाली करने अथवा चार लाख रुपये देने की मांग करने लगे। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान विष्णु गुप्ता ने मकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर विष्णु गुप्ता और उसके बेटों आयुष व कौशिक ने सूर्य प्रकाश गुप्ता को तीसरी मंजिल से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मृतक के भाई, दोनों भतीजों समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या, साजिश और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विष्णु गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
वहीं नामजद दोनों भतीजे आयुष और कौशिक घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए हैं। उनकी तलाश में कई टीमों को लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
इस बीच मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल सामग्री में एक व्यक्ति द्वारा धमकी और अभद्र भाषा के प्रयोग का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल सामग्री की भी जांच कराई जा रही है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है और जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
संपत्ति विवाद में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब रिश्तों पर लालच हावी हो जाता है तो परिवार ही सबसे बड़ा रणक्षेत्र बन जाता है।
