
बरेली आरटीओ में डीएम का ताबड़तोड़ छापा, दलालों में भगदड़… दीवार फांदकर भागे, बुलडोजर से उखड़े अड्डे
लाइसेंस के नाम पर ‘लूट’ का खेल बंद! डीएम अविनाश सिंह की रेड से आरटीओ में मचा हड़कंप
1350 की फीस पर 10 हजार की वसूली! डीएम की छापेमारी से आरटीओ के दलालों का साम्राज्य ध्वस्त
बरेली आरटीओ में डीएम की ताबड़तोड़ छापेमारी, दलालों में भगदड़… बुलडोजर से हटे अवैध अड्डे
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जिलाधिकारी अविनाश सिंह अचानक भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। डीएम की अचानक हुई कार्रवाई से वर्षों से परिसर में सक्रिय दलालों में भगदड़ मच गई। कई लोग पकड़ से बचने के लिए दीवार फांदकर भागते नजर आए। प्रशासन ने मौके पर ही बुलडोजर चलवाकर परिसर के बाहर बने अवैध खोमचे और दलालों के अड्डों को हटवा दिया।
अवैध वसूली की शिकायतों पर पड़ी रेड
आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से दलालों द्वारा आम लोगों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अचानक छापेमारी की योजना बनाई और गुरुवार को टीम के साथ आरटीओ पहुंच गए।
गेट बंद कर शुरू हुई जांच
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले आरटीओ कार्यालय के सभी गेट बंद करवा दिए। इसके बाद परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू हुई। जो लोग किसी काम से आए थे, उनसे संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई। कुछ लोग संदिग्ध पाए गए, लेकिन कागजात सही मिलने पर उन्हें जाने दिया गया।
पकड़े जाने के डर से दीवार फांदकर भागे दलाल
अचानक हुई कार्रवाई से दलालों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई दलाल पकड़े जाने के डर से दीवार फांदकर मौके से भागते दिखाई दिए। जब तक प्रशासन की टीम उनके ठिकानों तक पहुंचती, तब तक अधिकांश दलाल फरार हो चुके थे।
1350 की फीस, लेकिन वसूली 10 हजार तक
सूत्रों के मुताबिक आरटीओ परिसर में सक्रिय दलाल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर करीब 10 हजार रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि इसकी सरकारी फीस केवल 1350 रुपये है। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस कराने के नाम पर भी लोगों से तीन हजार रुपये तक लिए जा रहे थे। इस वजह से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कर्मचारियों को भी सख्त चेतावनी
छापेमारी के दौरान डीएम ने आरटीओ कर्मचारियों और बाबुओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे केवल आम जनता का काम करें, दलालों के जरिए नहीं। उन्होंने कार्यालय को दलाल-मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए। अब काम कराने आने वाले लोगों को पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य किया जाएगा।
एआरटीओ बोले—अब नहीं चलने देंगे दलाली
इस मामले में एआरटीओ पी.के. सरोज ने कहा कि आरटीओ परिसर में दलालों की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब परिसर में दलालों को किसी भी हालत में जगह नहीं दी जाएगी और जनता के काम पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।