15 दिन का डेडलाइन: बरेली की 220 शत्रु संपत्तियों पर प्रशासन सख्त, मंदिर-थाने भी जांच के दायरे में

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15 दिन का डेडलाइन: बरेली की 220 शत्रु संपत्तियों पर प्रशासन सख्त, मंदिर-थाने भी जांच के दायरे में

कलेक्ट्रेट की हाईलेवल बैठक में बड़ा फैसला: लंबित फाइलें अब नहीं बचेंगी

शत्रु संपत्तियों पर अंतिम वार्निंग! डीवीसी पूरी करने का आदेश, कोर्ट केस भी नहीं बनेंगे बाधा

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। जिले में दर्ज शत्रु संपत्तियों को लेकर प्रशासन अब निर्णायक मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दे दिया गया—अब किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा। अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर शेष सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

जिले में कुल 220 शत्रु संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 177 के वेस्टिंग ऑर्डर जारी हो चुके हैं, जबकि 135 संपत्तियों पर अमलदरामद की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। 120 से अधिक मामलों में जिला मूल्यांकन समिति (डीवीसी) का कार्य संपन्न हो चुका है।

106 संपत्तियां डीवीसी के लिए शेष

रिपोर्ट के अनुसार 106 संपत्तियों को अब भी डीवीसी में भेजा जाना बाकी है, वहीं 85 मामलों में नामांतरण लंबित है। तहसील सदर में 11 डीवीसी प्राप्त हो चुकी हैं, लेकिन नगर निगम क्षेत्र की 45 डीवीसी अभी भी प्रक्रिया में अटकी हुई हैं।

बहेड़ी तहसील में सात वेस्टिंग ऑर्डर प्रक्रियाधीन हैं। महेशपुर अटरिया क्षेत्र में एक ही गाटा संख्या के विभाजन के कारण सात अलग-अलग डीवीसी तैयार की गई थीं। इस पर प्रशासन ने निर्देश दिया है कि सभी विभाजित हिस्सों की एकीकृत पार्ट-वार डीवीसी तैयार कर भ्रम की स्थिति खत्म की जाए।

मंदिर, कब्रिस्तान और थाना बने चुनौती

सबसे अधिक जटिल स्थिति आंवला क्षेत्र में सामने आई है। यहां 13 शत्रु संपत्तियों पर नलकूप, पुलिस थाना, स्कूल और मंदिर निर्मित होने की जानकारी मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक उपयोग में आ रहे हिस्सों को अलग चिन्हित कर शेष भूमि का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और तय प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

महेशपुर अटरिया के कुछ गाटों पर कब्रिस्तान भी स्थित है। ऐसे मामलों में लखनऊ स्थित शत्रु संपत्ति कार्यालय से मार्गदर्शन लेकर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अदालत में वाद भी नहीं बनेंगे ढाल

बैठक में यह भी साफ किया गया कि जिन संपत्तियों पर न्यायालय में मुकदमे लंबित हैं, उनका मूल्यांकन भी जिला स्तर पर कराया जाएगा। आंवला क्षेत्र में गलत बंटवारे के मामले में 15 दिन के भीतर पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र दाखिल कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

81 संपत्तियों के दस्तावेज लखनऊ भेजे

प्रशासन ने 81 शत्रु संपत्तियों से जुड़े डिमांड वेस्टिंग दस्तावेज लखनऊ कार्यालय को भेज दिए हैं। आदेश मिलते ही नामांतरण और डीवीसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

स्पष्ट है कि वर्षों से फाइलों में उलझी शत्रु संपत्तियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। तय समयसीमा में कार्रवाई पूरी होती है या नहीं—इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta