हनीट्रैप का खेल: 22 लाख की उगाही का खुलासा, बहन के बाद भाई भी गिरफ्तार

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हनीट्रैप का खेल: 22 लाख की उगाही का खुलासा, बहन के बाद भाई भी गिरफ्तार

किराएदार से करीबी, फिर ब्लैकमेलिंग का जाल… 22 लाख की उगाही मामले में भाई-बहन गिरफ्तार

किराएदार बनकर रचा ब्लैकमेलिंग प्लान, झूठे केस की धमकी से 22 लाख की डिमांड

प्रेमनगर में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, रकम तय कराने में भाई की भी भूमिका

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। शहर के प्रेमनगर क्षेत्र में सामने आए कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग प्रकरण में पुलिस ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला के बाद उसके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर एक युवक को गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठने की कोशिश की।

पहले 10 लाख वसूले, फिर 12 लाख की नई मांग

इंद्रानगर निवासी मनीष गंगवार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें झूठे दुष्कर्म मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से उन्होंने पहले 10 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और अतिरिक्त 12 लाख रुपये की मांग रख दी गई। रकम न देने पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराने की चेतावनी दी गई।

सहानुभूति से शुरू हुआ संपर्क, बाद में बना दबाव का जरिया

शिकायत के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले महिला एक परिचित के मकान में किराएदार बनकर रहने आई थी। उसने खुद को पति से अलग और दो बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली बताकर सहानुभूति हासिल की। धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ा और आर्थिक मदद के नाम पर छोटी-बड़ी रकम ली जाती रही।

आरोप है कि इसी नजदीकी को बाद में ब्लैकमेलिंग का आधार बनाया गया। जब युवक ने दूरी बनानी शुरू की तो कथित तौर पर झूठे मुकदमे की धमकी दी जाने लगी।

पुलिस कार्रवाई: बहन के बाद भाई भी गिरफ्तार

प्रेमनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शनिवार को मुख्य आरोपी पूजा शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को उसके भाई उदित पांडेय को भी हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस का कहना है कि उदित समझौते की रकम तय कराने और दबाव बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। एफआईआर में अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

क्या और भी लोग बने शिकार?

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इस तरह की वारदात पहले भी तो नहीं हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि झूठे मुकदमे की धमकी देकर उगाही करना गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta