हाई वोल्टेज विवाद के बीच निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली से रवाना, गंतव्य को लेकर बना सस्पेंस

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हाई वोल्टेज विवाद के बीच निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली से रवाना, गंतव्य को लेकर बना सस्पेंस

निलंबन के बाद बरेली छोड़ा अलंकार अग्निहोत्री ने, समर्थकों ने जताई सुरक्षा को लेकर चिंता

अलंकार अग्निहोत्री का बरेली से प्रस्थान, हाईकोर्ट या लखनऊ जाने की अटकलें तेज

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित किए गए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को बरेली से रवाना हो गए। उनके प्रस्थान के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वे फिलहाल कहां गए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि वे लखनऊ जा सकते हैं। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि निलंबन के बाद जिस शामली कलेक्ट्रेट से उन्हें संबद्ध किया गया है, वहीं भेजा गया हो। बरेली से उनका जाना इस मामले का अब तक का सबसे अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

आवास पर नोटिस, तैनात रहा भारी पुलिस बल

बुधवार सुबह प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट के सरकारी आवास पर नोटिस चस्पा किया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दामोदर पार्क और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती रही। इस दौरान एडीएम सिटी सौरभ दुबे भी आवास के बाहर पहुंचे। नोटिस लगाए जाने के कुछ समय बाद ही अलंकार अग्निहोत्री के बरेली से रवाना होने की सूचना सामने आई। हालांकि उनके साथ कौन था और वे किस वाहन से निकले, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

रातभर डटे रहे समर्थक

इस्तीफा और निलंबन के बाद तीसरे दिन तक अलंकार अग्निहोत्री अपने सरकारी आवास में ही मौजूद थे। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक रातभर उनके आवास और आसपास के क्षेत्र में डटे रहे। समर्थकों को आशंका थी कि उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा सकता है। हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए था।

इस्तीफे से निलंबन तक का घटनाक्रम

सोमवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर कलक्ट्रेट में ध्वजारोहण के बाद 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सार्वजनिक रूप से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने यूजीसी कानून और शंकराचार्य से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाए थे।

इस्तीफे के बाद देर शाम वे जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पहुंचे। बाहर आने पर उन्होंने डीएम आवास में करीब 45 मिनट तक रोके जाने का आरोप लगाया, जिसे जिलाधिकारी ने नकार दिया। उसी रात शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया और पूरे मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को सौंपी गई।

कलक्ट्रेट तक पहुंचा हंगामा

मंगलवार को निलंबन के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। सुबह अलंकार अग्निहोत्री को समर्थकों के साथ उनके आवास पर रोके जाने की बात सामने आई। बाहर निकलने पर गेट बंद मिला और पुलिस बल तैनात था। बाद में गेट खुला तो वे समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे तक सड़क से लेकर कलक्ट्रेट परिसर तक हंगामा चलता रहा। शाम को वे वापस सरकारी आवास लौटे, जहां दोबारा निगरानी बढ़ा दी गई।

प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त

इस बीच जिला प्रशासन ने अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट, बरेली का अतिरिक्त दायित्व सौंप दिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी और इसके लिए कोई अतिरिक्त भत्ता देय नहीं होगा।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ प्रथम आशुतोष शिवम, सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव, कई थानों के प्रभारी, भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta