PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर शिकंजा कसता प्रशासन, आवास पर नोटिस और बदली सिटी मजिस्ट्रेट की कुर्सी

Spread the love

 

PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर शिकंजा कसता प्रशासन, आवास पर नोटिस और बदली सिटी मजिस्ट्रेट की कुर्सी

निलंबन के बाद बड़ा कदम: अलंकार अग्निहोत्री के आवास पर नोटिस, राम जनम यादव को मिला नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज

इस्तीफे के बाद निलंबन, अब बदली कुर्सी: PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर सख्त हुआ प्रशासन

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। निलंबित पीसीएस अधिकारी एवं पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। जिला प्रशासन ने एक साथ दो अहम कदम उठाते हुए न सिर्फ उनके सरकारी आवास पर आधिकारिक नोटिस चस्पा कराया, बल्कि सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी नए अधिकारी को सौंप दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

प्रशासन की ओर से बुधवार सुबह अधिकारियों की टीम अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास पहुंची, जहां मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा किया गया। यह कार्रवाई उस स्थिति में की गई, जब इस्तीफे और निलंबन के तीन दिन बाद भी वह सरकारी आवास में रह रहे हैं। नोटिस चस्पा करने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। एडीएम सिटी सौरभ दुबे भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते नजर आए।

प्रशासनिक कामकाज के लिए नई व्यवस्था

शहर के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए जिला प्रशासन ने अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। अब सिटी मजिस्ट्रेट से जुड़े सभी कार्य अस्थायी रूप से राम जनम यादव के अधीन रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था जांच पूरी होने तक लागू रहेगी।

रातभर डटे रहे समर्थक

अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में उनके समर्थक पूरी रात सरकारी आवास और दामोदर पार्क के आसपास मौजूद रहे। समर्थकों को आशंका थी कि प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। हालांकि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और अधिकारी अपने आवास में ही रहे। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही।

गणतंत्र दिवस से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला सोमवार को गणतंत्र दिवस के दिन सामने आया था। ध्वजारोहण के बाद 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफे की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने कुछ कानूनों और संस्थाओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। बाद में वह जिलाधिकारी से मिलने उनके आवास पहुंचे, जहां से बाहर आने के बाद उन्होंने खुद को कुछ समय तक बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

इसी रात शासन ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित करते हुए उन्हें शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया और मामले की जांच बरेली मंडलायुक्त को सौंप दी।

सड़क से कलेक्ट्रेट तक चला हंगामा

निलंबन के अगले दिन हालात और बिगड़ गए। समर्थकों के साथ अलंकार अग्निहोत्री कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां गेट बंद मिलने पर उन्होंने धरना शुरू कर दिया। सड़क से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक करीब पांच घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस और प्रशासन ने संयम के साथ हालात को संभाला। शाम होते-होते वह वापस अपने सरकारी आवास लौट आए, जहां सुरक्षा और कड़ी कर दी गई।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण में नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। यह मामला प्रशासनिक अनुशासन, अधिकारियों की अभिव्यक्ति और सेवा नियमों को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है!

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta