रंगमंच से लोकतंत्र को नई ताकत: ‘रंग कर्म गौरव सम्मान 2026’ की गूंज, चुनावी जागरूकता का अनोखा संदेश

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रंगमंच से लोकतंत्र को नई ताकत: ‘रंग कर्म गौरव सम्मान 2026’ की गूंज, चुनावी जागरूकता का अनोखा संदेश

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। यूथ वेलफेयर कला, साहित्य एवं भारतीय संस्कृति को समर्पित संस्था द्वारा आयोजित ‘रंग कर्म गौरव सम्मान 2026’ कार्यक्रम को लेकर जिले में सकारात्मक चर्चा हो रही है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगर निगम) सतीश कुमार मौर्य ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

उन्होंने कहा कि रंगमंच और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। चुनाव आयोग का उद्देश्य केवल मतदान कराना नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार मतदाता तैयार करना भी है। रंगमंच ऐसा सशक्त माध्यम है, जो गांव-गांव और मोहल्लों तक लोकतंत्र की वास्तविक कहानियां पहुंचा सकता है। इसके जरिए वोट के महत्व, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव और चुनावी नैतिकता को सरल और रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि नाटकों के माध्यम से युवाओं को बिना बोझ महसूस कराए मनोरंजन के साथ चुनावी जागरूकता दी जा सकती है, जो एक प्रभावी पहल साबित हो सकती है।

संस्था के अध्यक्ष गोविंद सैनी ने कार्यक्रम में रंगमंच की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि थिएटर समाज का दर्पण होता है। यह न केवल सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाता है, बल्कि शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरूकता का भी सशक्त माध्यम है। रंगमंच सीधे दर्शकों से जुड़कर उनकी भावनाओं को अभिव्यक्ति देता है और मानसिक विकास के साथ सामाजिक सुधार को भी बढ़ावा देता है।

कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक उमेश प्रजापति, संयोजक व मीडिया प्रभारी पवन कालरा और ओमपाल प्रजापति समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

यह आयोजन कला, संस्कृति और लोकतांत्रिक जागरूकता को एक साथ जोड़ने का सफल प्रयास रहा। खासतौर पर युवाओं के बीच रंगमंच के माध्यम से चुनावी जागरूकता फैलाने की पहल को बेहद प्रभावी और सराहनीय माना जा रहा है।

कार्यक्रम की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta