
ईस्टर से कश्यप जयंती तक: डॉ. अनीस बेग ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की बड़ी मिसाल
एक दिन, दो धर्मों के पर्व—डॉ. अनीस बेग ने जोड़ा दिलों का रिश्ता
चर्च में प्रार्थना, जुलूस में स्वागत: डॉ. अनीस बेग का भाईचारे का संदेश
बरेली में गंगा-जमुनी तहजीब की झलक, डॉ. अनीस बेग की पहल बनी मिसाल
एक दिन, दो पर्व और भाईचारे का संदेश: डॉ. अनीस बेग ने दिखाई गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत तस्वीर उस वक्त देखने को मिली, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अनीस बेग ने एक ही दिन में दो अलग-अलग धर्मों के आयोजनों में शामिल होकर आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने ईस्टर के मौके पर चर्च में प्रार्थना की, तो वहीं महर्षि कश्यप जयंती के कार्यक्रम में पहुंचकर समाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
रविवार सुबह कैंट स्थित बिशप कैथेड्रल चर्च में ईस्टर के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग शामिल हुए। डॉ. अनीस बेग भी कार्यक्रम में पहुंचे, जहां बिशप इग्निसियस डिसूजा ने उनका स्वागत किया। डॉ. बेग ने मोमबत्ती जलाकर प्रभु ईसा मसीह को श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि ईस्टर प्रेम, त्याग, क्षमा और सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सच्चाई और प्रेम का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर खुशियां साझा करें।
ईस्टर कार्यक्रम के बाद डॉ. बेग महर्षि कश्यप जयंती के आयोजन में शामिल हुए। मलकपुर मठ से निकली शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी। बिहारीपुर पुलिस चौकी के पास डॉ. बेग ने अपने समर्थकों के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया।
इस दौरान फूलों की वर्षा कर जुलूस का अभिनंदन किया गया। साथ ही गर्मी को देखते हुए राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए शर्बत और ठंडे पानी की व्यवस्था भी कराई गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने डॉ. बेग की इस पहल को सराहनीय बताया। उनका कहना था कि बरेली की पहचान हमेशा से आपसी भाईचारे और साझा संस्कृति के लिए रही है, जिसे इस तरह के प्रयास और मजबूत करते हैं।
डॉ. अनीस बेग ने कहा कि शहर की असली खूबसूरती मंदिरों की घंटियां, मस्जिदों की अजान और चर्च की प्रार्थनाओं के बीच कायम आपसी विश्वास में है। यही हमारी पहचान और सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नफरत से ऊपर उठकर प्रेम और इंसानियत के रास्ते पर चलें।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप, हुरिया रहमान, समर्थ मिश्रा, इंजीनियर अनीश समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी ने सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
कुल मिलाकर, डॉ. अनीस बेग की यह पहल न सिर्फ दो धार्मिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी तक सीमित रही, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और इंसानियत का सशक्त संदेश भी बनकर सामने आई।
