बरेली की राजनीति में आया बड़ा भूचाल: ब्रह्मस्वरूप सागर ने थामा आजाद समाज पार्टी का दामन, बड़ी सियासी सरगर्मी 

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बरेली की राजनीति में आया बड़ा भूचाल: ब्रह्मस्वरूप सागर ने थामा आजाद समाज पार्टी का दामन, बड़ी सियासी सरगर्मी 

सपा में जाने की अटकलों पर लगा फुल स्टॉप, चंद्रशेखर आजाद के साथ दिखे सागर

दलित वोट बैंक में लगाई बड़ी सेंध? सागर के फैसले से बदलेगा समीकरण!

कांग्रेस-बसपा छोड़ अब की ASP में एंट्री, सैकड़ों समर्थक भी रहे साथ

बरेली-बदायूं में नई ताकत बनने की तैयारी, संगठन में मची हलचल

बरेली की सियासत में बड़ा उलटफेर, सागर का दांव बना चर्चा का केंद्र

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता & नई दिल्ली ब्यूरो 

दिल्ली/बरेली। बरेली की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और दलित समाज के प्रभावशाली नेता माने जाने वाले ब्रह्मस्वरूप सागर ने आखिरकार अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। सपा में शामिल होने की तेज अटकलों के बीच उन्होंने सबको चौंकाते हुए दिल्ली में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात कर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर ली।

इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम को और भी अहम बना दिया। सागर के इस फैसले ने बरेली समेत पूरे मंडल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

सपा को झटका, ASP ने खेला बड़ा दांव

बीते कई दिनों से यह कयास लगाए जा रहे थे कि ब्रह्मस्वरूप सागर समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने पूरी रणनीति बदलते हुए आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया। इस कदम को राजनीतिक विश्लेषक एक बड़ा ‘गेम चेंजर’ मान रहे हैं।

तीन बड़ी पार्टियों का अनुभव, अब नई राह

ब्रह्मस्वरूप सागर का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है।

समाजवादी पार्टी से करियर की शुरुआत

बहुजन समाज पार्टी में जिला अध्यक्ष, मंडल कोऑर्डिनेटर और जोन इंचार्ज जैसे अहम पद

कांग्रेस में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी

अब उनका ASP में जाना यह संकेत दे रहा है कि वे बरेली मंडल में एक नई राजनीतिक धुरी तैयार करने की कोशिश में हैं।

सैकड़ों समर्थक साथ, मैदान में ताकत का प्रदर्शन..

सागर अकेले नहीं आए—उनके साथ सैकड़ों समर्थकों ने भी पार्टी की सदस्यता ली। इसमें कई पूर्व पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल रहे, जिससे साफ है कि यह सिर्फ शामिल होना नहीं, बल्कि ताकत का खुला प्रदर्शन भी है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इससे बरेली और बदायूं में ASP को सीधा फायदा मिल सकता है।

भीम आर्मी नेताओं की रही अहम भूमिका

इस पूरी रणनीति को जमीन पर उतारने में भीम आर्मी से जुड़े कई नेताओं की सक्रिय भूमिका सामने आई। प्रदेश स्तर से लेकर मंडल और जिला स्तर तक समन्वय कर इस शामिलीकरण को मजबूत बनाया गया।

चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान

इस मौके पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि…..

“ब्रह्मस्वरूप सागर के जुड़ने से संगठन को बरेली मंडल में नई ऊर्जा मिलेगी। सामाजिक न्याय की लड़ाई अब और मजबूती से लड़ी जाएगी।”

क्या बदलेगा बरेली का समीकरण?

सागर के इस फैसले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

👉 क्या दलित वोट बैंक में नया ध्रुवीकरण होगा?

👉 क्या ASP अब बरेली मंडल में मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी?

फिलहाल इतना तय है कि इस एक कदम ने बरेली की सियासत में हलचल जरूर तेज कर दी है—और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta