
इज्जतनगर में बन रहा नया बस अड्डा फिर अटका, डिजाइन बदलाव से लटका काम
16.72 करोड़ की परियोजना अधूरी: बजट मिलने के बाद भी नया बस अड्डा शुरू नहीं
जाम से राहत का सपना अधूरा, इज्जतनगर बस अड्डे का काम डिजाइन बदलाव में फंसा
तीन साल बाद भी तैयार नहीं नया बस अड्डा, जून की डेडलाइन भी मुश्किल
बजट मिला, काम शुरू… फिर भी अधूरा नया बस अड्डा, डिजाइन बदलाव बना अड़ंगा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और बसों के दबाव के बीच नया बस अड्डा बनने की योजना अब भी अधूरी पड़ी है। इज्जतनगर क्षेत्र में केंद्रीय कारागार की करीब 2.285 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित रोडवेज बस अड्डे का निर्माण कार्य लगभग 16.72 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था, लेकिन करीब तीन साल बीतने के बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
दरअसल शहर के पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट बस अड्डे पर बसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आसपास के इलाकों में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए नया बस अड्डा बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन काम की रफ्तार बेहद धीमी रही।
भवन बनकर तैयार, बाकी काम अभी बाकी
बस अड्डे परिसर में बनने वाला मुख्य भवन तैयार हो चुका है। हालांकि परिसर को समतल करना, टाइल्स बिछाना और फर्नीचर लगाने जैसे कई जरूरी काम अब भी अधूरे हैं। बजट की कमी और टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण लंबे समय तक निर्माण कार्य रुका रहा।
करीब पांच महीने पहले सरकार की ओर से 6.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया गया था। इसके बाद हाल ही में परिसर में मिट्टी भराव का काम शुरू कराया गया, लेकिन निर्माण अभी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है।
किस्तों में मिला बजट, इसलिए धीमा पड़ा काम
परियोजना के लिए बजट चरणबद्ध तरीके से जारी किया गया।
अगस्त 2023: पहली किस्त में 3 करोड़ रुपये
मार्च 2024: दूसरी किस्त में 2 करोड़ रुपये
तीसरी किस्त: 3.90 करोड़ रुपये
करीब 8.90 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य भवन का निर्माण पूरा कर लिया गया, लेकिन आगे के काम के लिए पर्याप्त धन न मिलने से निर्माण प्रक्रिया बीच में ही अटक गई।
डिजाइन में बदलाव से फिर अटका मामला
अधिकारियों के मुताबिक बस अड्डे की मूल डिजाइन वर्ष 2020 में तैयार की गई थी। उस समय बस अड्डे के सामने की सड़क का स्तर कम था, लेकिन अब सड़क पहले से ऊंची हो चुकी है। ऐसे में पुराने नक्शे के अनुसार निर्माण करने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं।
इसी वजह से परियोजना की डिजाइन में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ही आगे का काम शुरू हो सकेगा।
जून की समयसीमा पर भी सवाल
कार्यदायी संस्था ने बस अड्डे के निर्माण के लिए जून तक का अतिरिक्त समय लिया है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि परियोजना को पूरा होने में अभी कम से कम छह महीने और लग सकते हैं।
