
BDA अवर अभियंता सीता राम बेदी स्कूल पर मेहरबान! क्या इसीलिए बचा हुआ है बेदी स्कूल का गिरहबान ?
बीडीए के अवर अभियंता सीताराम पर बेदी स्कूल मालिक से सांठगांठ के आरोप
अवर अभियंता पर कार्रवाई में लापरवाही और मिलीभगत के लगे आरोप
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शहर के “बेदी इंटरनेशनल स्कूल” के भवन को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता सौरभ गुप्ता का आरोप है कि स्कूल का निर्माण स्वीकृत नक्शे और प्राधिकरण के निर्धारित मानकों से अलग किया गया है, इसके बावजूद स्कूल भवन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि चार मंजिला बनी स्कूल इमारत का ऊपरी हिस्सा बिना मानचित्र स्वीकृति के तैयार किया गया है।जिसमें नियमों को अनदेखा किया गया है।
सीएम पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच का जिम्मा प्राधिकरण के अवर अभियंता सीताराम को सौंपा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अवर अभियंता ने स्कूल भवन स्वामी से लाखों रुपए की घूस लेकर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की। हालांकि शिकायतकर्ता, सीताराम की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।
नोटिस जारी होने का खेल, पर ठोस कार्रवाई नदारद…….
शिकायत कर्ता का कहना है कि प्राधिकरण के अवर अभियंता ने नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर दी गई, लेकिन न तो भवन की कंपाउंडिंग कराई गई और न ही ध्वस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि सीताराम की स्कूल मालिक से “सेटिंग” के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अवर अभियंता फोन कॉल रिसीव नहीं कर रहे, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न उठ रहे हैं।
प्राधिकरण में बिना रिश्वत नहीं होता कोई काम…………
सौरभ गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बरेली विकास प्राधिकरण में बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि यहां सही काम को सही कराने के लिए ही रिश्वत देनी पड़ती है। सौरभ का कहना है कि ध्वस्तिकरण के डर से उपभोक्ता कुछ बोल नहीं पाते हैं और रिश्वत का बोझ झेल रहें हैं।हलांकि रिश्वत का यह खेल पूरा प्राधिकरण का स्टॉफ जानता है।