बंद फैक्टरी में ‘इनसाइड गेम’! 12 लाख की मशीनें गायब, चौकीदार समेत चार पर केस, CCTV फुटेज बना बड़ा सबूत

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बंद फैक्टरी में ‘इनसाइड गेम’! 12 लाख की मशीनें गायब, चौकीदार समेत चार पर केस, CCTV फुटेज बना बड़ा सबूत

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता 

बरेली। भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र की एक बंद पड़ी फैक्टरी में अंदरूनी मिलीभगत से लाखों रुपये की मशीनें और उपकरण पार कर दिए गए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने चौकीदार समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज ने पूरे खेल का खुलासा कर दिया है।

कोरोना काल से बंद थी यूनिट

इंडस्ट्रियल एरिया भोजीपुरा के प्लॉट नंबर 59 स्थित बरेली वुडेन क्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड लंबे समय से बंद थी। कंपनी के निदेशक अनिल गंगवार के मुताबिक, जब वह दो अगस्त 2025 को यूनिट दोबारा शुरू करने पहुंचे तो अंदर का नजारा देख दंग रह गए। फैक्टरी से कीमती मशीनें, उनके पार्ट्स और अन्य उपकरण गायब थे।

हैरानी की बात यह रही कि फैक्टरी के ताले और दरवाजों पर जबरन तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं मिले। इससे साफ हुआ कि चोरी किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि अंदर की जानकारी रखने वालों ने की है।

चौकीदारों पर गहराया शक

फैक्टरी की सुरक्षा में रात में बेचेलाल और सोमपाल तथा दिन में अनुज यादव तैनात था। पूछताछ में सभी ने खुद को बेखबर बताया, जबकि फैक्टरी की चाबियां इन्हीं के पास रहती थीं। यहीं से शक गहरा गया।

जब पास की फैक्टरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो 25 मई 2025 का वीडियो सामने आया। इसमें दिन का चौकीदार अनुज यादव अपने भाई संजीव यादव, सामने की फैक्टरी के चौकीदार और एक ऑटो चालक के साथ मशीनों के पार्ट्स और भारी उपकरण बाहर ले जाते नजर आया।

सामने की फैक्टरी बना ‘ट्रांजिट प्वाइंट’

फुटेज में दिखा कि पहले सामान को सामने की फैक्टरी में रखा गया, फिर जुगाड़ गाड़ी के जरिए दूसरी जगह भेज दिया गया। पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई ताकि किसी को शक न हो।

10 से 12 लाख का नुकसान

निदेशक के अनुसार, चोरी हुए सामान की कीमत करीब 10 से 12 लाख रुपये है। 23 फरवरी 2026 को भोजीपुरा थाने में तहरीर दी गई।

थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि अनुज यादव, उसके भाई संजीव यादव और अन्य सहयोगियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta