
दादी की स्मृति में न्याय के देवता विराजे: श्यामगंज मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच शनिदेव की भव्य प्राण प्रतिष्ठा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। श्यामगंज स्थित श्री शिरडी साई-खाटूश्याम सर्वदेव मंदिर परिसर रविवार को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। न्याय के देवता भगवान शनिदेव की प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। वैदिक मंत्रों की गूंज, हवन की सुगंध और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया।
मंदिर के महंत पंडित सुशील पाठक ने बताया कि यह पावन अनुष्ठान सांग्वेद संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य महेश चंद्र शर्मा के सानिध्य में संपन्न हुआ। विधिवत पूजन, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शनिदेव को मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ विराजमान कराया गया।
दादी की स्मृति में श्रद्धांजलि
यह विशेष स्थापना अनुभव एवं टिसा सक्सेना द्वारा अपनी दादी स्वर्गीय श्रीमती राममूर्ति देवी (22 फरवरी 1932 – 17 जनवरी 2026) की स्मृति में कराई गई। संयोगवश यह दिन उनका 94वां जन्मदिन भी था। परिवार ने इस अवसर को सेवा और श्रद्धा के रूप में मनाते हुए मंदिर में शनिदेव की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों का कहना था कि राममूर्ति देवी धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और सदैव ईश्वर भक्ति में लीन रहती थीं। ऐसे में उनकी स्मृति में यह आयोजन परिवार के लिए भावनात्मक क्षण रहा।
आरती और प्रसाद वितरण
प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत शनिदेव की भव्य आरती की गई। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ देर तक बनी रही।
तुलसी नगर निवासी टिसा सक्सेना के सौजन्य से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने न केवल परिवार की श्रद्धा को अभिव्यक्त किया, बल्कि क्षेत्रवासियों को भी एक नए आध्यात्मिक केंद्र से जोड़ दिया। अब मंदिर परिसर शनिदेव की दिव्य उपस्थिति से और अधिक आस्था का केंद्र बन गया है।