
जिला बदर का ‘आतंक’! स्पा सेंटर प्रकरण में ऋषभ ठाकुर का नया ऑडियो वायरल, 40 हजार की ‘डील’ पर धमकी
वीडियो से रंगदारी तक: कासा गोल्डन स्पा मामला गरमाया, पुलिस ने शुरू की फॉरेंसिक जांच
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। पीलीभीत रोड स्थित कासा गोल्डन स्पा सेंटर से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। पहले कथित देह व्यापार का वीडियो वायरल हुआ, फिर 40 हजार रुपये की रंगदारी मांगने का ऑडियो सामने आया और अब जिला बदर घोषित ऋषभ ठाकुर का एक नया कथित ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इस ऑडियो में वह खुद को शहर में “आतंक” बताते हुए स्पा सेंटर संचालकों को खुली चेतावनी देता सुनाई दे रहा है।
एक फोन, दो आवाजें… ‘सेटिंग’ की बातचीत!
वायरल ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि एक ही फोन से आशु यादव और ऋषभ ठाकुर दोनों की आवाज सुनाई दे रही है। बातचीत के दौरान स्पा सेंटर की रिसेप्शनिस्ट पर 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं, सेंटर दोबारा खुलवाने के लिए पैसों की ‘डील’ तय करने जैसी बातें भी स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है।
ऑडियो में कथित तौर पर कहा जा रहा है कि “यह तो अभी ट्रेलर था…”, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर और सवाल खड़े हो गए हैं।
वीडियो से शुरू हुआ विवाद
करीब पांच दिन पहले दो युवकों ने कासा गोल्डन स्पा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार कराने के आरोप लगाए गए। बताया गया कि वीडियो में लड़कियों को दिखाने और रकम तय करने तक की बातचीत रिकॉर्ड है।
वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने बारादरी क्षेत्र में पहुंचकर जांच की, लेकिन मौके पर किसी आपत्तिजनक गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई। इसके अगले ही दिन एक ऑडियो सामने आया, जिसमें खुद को आशु यादव बताने वाला व्यक्ति 40 हजार रुपये की रंगदारी मांगता सुनाई दिया।
एफआईआर के बाद नया ऑडियो
स्पा सेंटर की रिसेप्शनिस्ट मुस्कान ने उत्तर प्रदेश पुलिस के बारादरी थाने में आशु यादव और जिला बदर घोषित ऋषभ ठाकुर समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जो नया ऑडियो वायरल हुआ है, उसमें कथित तौर पर ऋषभ ठाकुर सेंटर संचालकों को धमकी देता सुनाई दे रहा है। वह कह रहा है कि बरेली में उसका प्रभाव है और सेंटर खोलने से पहले उससे बात न करना “गलती” है।
कई सवालों के घेरे में मामला
एक ओर देह व्यापार के आरोपों वाला वीडियो, दूसरी ओर रंगदारी मांगने और धमकी देने के ऑडियो—पूरा प्रकरण अब केवल स्पा सेंटर तक सीमित नहीं रह गया है। जिला बदर घोषित व्यक्ति का नाम बार-बार सामने आना कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी!