
90 घंटे की मैराथन रेड: सुपीरियर इंडस्ट्रीज से दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा जब्त
शराब फैक्ट्री पर आयकर का शिकंजा, सर्वर-हार्ड डिस्क कब्जे में लेकर लौटी टीम
2003 तक के रिकॉर्ड खंगाले, ट्रांसपोर्टरों से भी पूछताछ
सुपीरियर ग्रुप पर बड़ी कार्रवाई, उत्पादन ठप—रिपोर्ट का इंतजार
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली । सीबीगंज स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज (शराब फैक्ट्री) में आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार देर शाम समाप्त हो गई। मंगलवार शाम से शुरू हुई यह छापेमारी करीब 90 घंटे तक चली। इस दौरान दिल्ली और लखनऊ से आई संयुक्त टीमों ने फैक्ट्री परिसर के हर विभाग की बारीकी से जांच की।
कार्रवाई पूरी होने के बाद अधिकारी महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण अपने साथ लेकर दिल्ली मुख्यालय के लिए रवाना हो गए। छापे के बाद फिलहाल फैक्ट्री में उत्पादन कार्य बंद कर दिया गया है।
ट्रांसपोर्टर और सप्लायर भी रडार पर
जांच के दौरान आयकर विभाग ने दायरा बढ़ाते हुए फैक्ट्री से जुड़े ट्रांसपोर्टरों और भूसी सप्लायरों को भी तलब किया। पुलिस की मदद से संबंधित कारोबारियों को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। सूत्रों का कहना है कि विभाग कच्चे माल की खरीद और तैयार माल की सप्लाई से जुड़े लेनदेन की पड़ताल कर रहा है। कुछ व्यापारिक अभिलेख भी कब्जे में लिए गए हैं।
पुराने रिकॉर्ड खंगाले, डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने वर्ष 2003 तक के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। अकाउंट सेक्शन के सर्वर का डेटा सुरक्षित किया गया है। प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों के मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग को आशंका है कि इलेक्ट्रॉनिक डेटा से अघोषित आय और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े सुराग मिल सकते हैं।
कारोबारी हलकों में चर्चा तेज
सुपीरियर ग्रुप प्रदेश के अल्कोहल और बेवरेज सेक्टर का प्रमुख नाम माना जाता है। समूह का संचालन प्रदीप अग्रवाल करते हैं, जो पूर्व राज्यसभा सांसद Murli Manohar Agrawal के पुत्र हैं। कार्रवाई के बाद प्रदेश के कारोबारी वर्ग में हलचल है और अब सबकी निगाहें आयकर विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं।