
कैंट बोर्ड बरेली में एआई पर मंथन: स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति की तैयारी
एआई से बदलेगा इलाज का भविष्य, कैंट बोर्ड में हुआ विशेष व्याख्यान
रोगों की सटीक पहचान से रोबोटिक सर्जरी तक… बरेली कैंट में एआई पर बड़ी पहल
डॉ. तनु जैन की पहल पर स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार की ओर कदम
कैंट अस्पताल स्टाफ को मिला एआई का पाठ, आधुनिक चिकित्सा की दिशा में नई शुरुआत
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से बढ़ रही तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड, बरेली में “स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्रांति” विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन के विशेष प्रयासों और मार्गदर्शन में हुआ।
इस अवसर पर प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. मधु रैकवार ने एआई के स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ते उपयोग और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई तकनीक के जरिए अब रोगों की शीघ्र एवं सटीक पहचान संभव हो रही है। डिजिटल डायग्नोस्टिक्स, रोबोटिक सर्जरी, मरीजों के मेडिकल डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं पहले से अधिक प्रभावी और सुलभ बन रही हैं।
डॉ. रैकवार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता न केवल चिकित्सा प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बना रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। आने वाले समय में एआई आधारित प्रणाली स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ साबित हो सकती है।
डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में कैंटोनमेंट क्षेत्र में आधुनिक और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी कड़ी में आयोजित इस व्याख्यान का उद्देश्य अस्पताल और कार्यालय स्टाफ को नवीनतम तकनीकी परिवर्तनों से अवगत कराना तथा भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।
व्याख्यान के दौरान अस्पताल एवं कार्यालय स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता करते हुए एआई आधारित स्वास्थ्य प्रणाली के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के अंत में आर.एम.ओ. डॉ. वंदना ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कैंट बोर्ड की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




