
बरेली में साइबर ठगी का बड़ा खेल: बैंक मैनेजर बनकर ठग ने उड़ाए 11.41 लाख रुपये
जस्ट डायल से मिला नंबर बना जाल, बैंक मैनेजर बन ठग ने उड़ाए 11 लाख
व्हाट्सऐप कॉल पर ‘मैनेजर’ की बातों में फंसे, दो खातों से साफ हुई मोटी रकम
एक क्लिक और खाली हो गए खाते, साइबर जाल में फंसा बरेली का व्यापारी
ऐप डाउनलोड करते ही खाते से निकले लाखों, साइबर ठगों का नया पैंतरा बेनकाब
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। साइबर ठगों ने एक बार फिर भरोसे को निशाना बनाते हुए शहर के मढ़ीनाथ रोड निवासी व्यक्ति के खातों से 11.41 लाख रुपये उड़ा लिए। ठग ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर लिंक भेजा और ऐप डाउनलोड कराकर कुछ ही मिनटों में दो अलग-अलग बैंकों के खातों से रकम साफ कर दी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
थाना सुभाषनगर क्षेत्र के 594 तोषावास, मढ़ीनाथ रोड निवासी मधुतोष शर्मा के मुताबिक 13 फरवरी 2026 की शाम करीब पांच बजे उन्हें भुगतान संबंधी समस्या के समाधान के लिए बैंक से संपर्क करना था। उन्होंने कंप्यूटर पर ‘जस्ट डायल’ पर सर्च किया, जहां एक मोबाइल नंबर 6200753692 मिला। इस नंबर पर कॉल करने के बाद व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक मैनेजर ‘अमित कुमार’ बताया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान ठग ने एक लिंक भेजा, जिसे खोलते ही एक ऐप मोबाइल में डाउनलोड हो गया। ऐप के जरिए बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर मांगा गया। जानकारी दर्ज करते ही उनके State Bank of India के खाते संख्या 00000010897697323 से 7,41,265.48 रुपये और Bank of Baroda के खाते संख्या 00740100011669 से 4,00,010 रुपये निकल गए। कुल 11,41,265.48 रुपये की ठगी हो गई।
पीड़ित ने तत्काल ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसकी एक्नॉलेजमेंट संख्या 33102260034620 है। उन्होंने साइबर क्राइम थाना में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध नंबर और ट्रांजेक्शन डिटेल के आधार पर जांच की जा रही है तथा संबंधित खातों को ट्रेस कर रकम रिकवरी का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को आगाह किया है कि गूगल या डायरेक्टरी साइट पर मिले किसी भी नंबर पर बिना सत्यापन कॉल न करें, बैंक कभी भी व्हाट्सऐप कॉल या लिंक के जरिए गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है।