
“नौकरी करना सिखा दूंगा!” मंत्री की गरज, लेकिन कोतवाल पर नहीं गिरी गाज
पीलीभीत में सियासी संग्राम: गेस्टहाउस बना अखाड़ा, मंत्री बनाम पुलिस आमने-सामने
हत्या या आत्महत्या? एफआईआर पर टकराई सत्ता और खाकी, आदेश हवा में!
वीडियो वायरल, तेवर बेअसर! मंत्री की चेतावनी के बाद भी कुर्सी पर कायम कोतवाल
पीलीभीत में संदिग्ध मौत पर सियासी भूचाल, मंत्री की फटकार के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
रिपोर्ट : पीलीभीत ब्यूरो
पीलीभीत। एक संदिग्ध मौत ने जिले की राजनीति और पुलिस प्रशासन के रिश्तों को खुली बहस के केंद्र में ला दिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र में 25 वर्षीय युवक का शव फंदे से लटका मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज न होने से मामला तूल पकड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस तक पहुंच गया, जहां सत्ता और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक खुलकर सामने आई।

क्या है पूरा मामला?
शहर कोतवाली इलाके के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी 25 वर्षीय अनिल का शव आईटीआई रोड स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर की छत पर लटका मिला। परिवार का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर वेदप्रकाश कश्यप और अन्य लोगों पर रंजिश के चलते वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया।
परिजन जब तहरीर लेकर थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसी बात ने आक्रोश को आग में घी का काम कर दिया।
गेस्टहाउस बना टकराव का मंच
जब गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस पहुंचे, तो माहौल पहले से ही गरम था। परिजनों के हंगामे के बीच मंत्री ने शहर कोतवाल से सीधे सवाल दागे—“एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई?”

कोतवाल के जवाब से असंतुष्ट मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा—“तुम्हें नौकरी करना सिखा दूंगा।” मौके पर मौजूद अधिकारियों के सामने ही इंस्पेक्टर को हटाने की बात कही गई। यहां तक चेतावनी दी गई कि मामला मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा।
कुछ देर बाद एसपी सुकीर्ति माधव भी मौके पर पहुंचे। मंत्री ने उनके सामने ही कार्रवाई के निर्देश दिए।
हंगामा, नारेबाजी और सड़क जाम
गेस्टहाउस के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। एसपी की गाड़ी के आगे भीड़ ने रास्ता रोका। माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
आखिरकार पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद भीड़ शांत हुई।
बड़ा सवाल: आदेश क्यों नहीं चला?
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मंत्री की कड़ी फटकार चर्चा में है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की गई, तो अब तक संबंधित कोतवाल पर निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या मामला केवल शब्दों तक सीमित रह गया?
या फिर प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जांच पूरी होने का इंतजार है?

पीलीभीत एसपी का आधिकारिक बयान…..
एसपी सुकीर्ति माधव ने कहा कि परिजनों की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोतवाल पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।