
वैलेंटाइन डे इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ, युवाओं से दूरी बनाने की अपील
बांग्लादेश की नई सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वैलेंटाइन डे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की असली पहचान उसके अकीदे, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से होती है। यदि कोई समाज मानसिक रूप से पराधीन हो जाता है तो वह दूसरे धर्मों और संस्कृतियों की नकल करने लगता है, जो उसके मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
मौलाना ने कहा कि इस्लामी शरीयत के अनुसार वैलेंटाइन डे जैसे आयोजनों की कोई मान्यता नहीं है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम हया, शालीनता और मर्यादा की शिक्षा देता है, और इन्हीं मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने एक हदीस का हवाला देते हुए कहा कि जो समुदाय दूसरों की धार्मिक परंपराओं की नकल करता है, वह उसी में गिना जाता है। उन्होंने मुस्लिम नौजवानों से अपील की कि वे धार्मिक शिक्षाओं का पालन करें और ऐसे आयोजनों से दूर रहें।
बांग्लादेश की नई सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि Bangladesh Nationalist Party के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है, जबकि Awami League इस चुनाव में शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि जनता ने कट्टरपंथी विचारधाराओं को नकारते हुए नई नेतृत्व व्यवस्था को समर्थन दिया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार के प्रमुख Tarique Rahman पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे देश में रहने वाले सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें। पिछले महीनों में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों और हिंसा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त रोक लगाना आवश्यक है, ताकि सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था मजबूत हो सके।