
जख्म हरे थे, जुल्म और गहरा: बरेली में प्रसूता पर हैवानियत
ऑपरेशन के टांके सूखे भी नहीं थे, दरिंदे पति ने बरसाए डंडे
नवजात की मां पर टूटा कहर, चचिया सास ने पकड़े पैर
बैंक से लौटने में हुई देरी बनी बहाना, प्रसूता को बेरहमी से पीटा
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। बरेली जिले के भमोरा थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ऑपरेशन से बच्चे को जन्म देने वाली एक महिला को उसके ही पति ने उस समय बेरहमी से पीट दिया, जब उसके शरीर के जख्म अभी भरे भी नहीं थे। आरोप है कि मारपीट के दौरान चचिया सास ने उसके पैर पकड़ लिए, जिससे वह खुद को बचा भी नहीं सकी।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता पूनम (बदला हुआ नाम) ने बताया कि 27 जनवरी को उसने सर्जरी के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह घर पर आराम कर रही थी, लेकिन टांकों में लगातार दर्द बना हुआ था।
महिला का आरोप है कि इससे पहले भी उसके पति रामगोपाल ने उसके साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत उसने थाने में की थी। शिकायत के बाद से पति उससे रंजिश रखे हुए था।
ट्रेन छूटना बना विवाद की वजह………
घटना वाले दिन महिला बच्चे के जन्म से जुड़े खर्च के लिए बैंक से पैसे निकालने बरेली आई थी। लौटते समय ट्रेन छूट गई और उसके नवजात बेटे को बुखार हो गया। उसने पति को फोन कर गांव ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन पति नहीं पहुंचा।
रात में वह किसी तरह टैम्पो से गांव पहुंची। आरोप है कि घर पहुंचते ही पति ने देर से आने का आरोप लगाकर गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर मारपीट पर उतर आया।
चचिया सास पर भी गंभीर आरोप…….
महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान चचिया सास ने उसके पैर कसकर पकड़ लिए। ऑपरेशन के ताजे टांकों के बावजूद पति ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती……
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को भमोरा सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इस समय पीड़िता का इलाज चल रहा है और टांकों वाली जगह पर अत्यधिक दर्द की शिकायत बताई जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल में एक महिला सिपाही की तैनाती की गई है।
आरोपी पति फरार, जांच जारी…….
घटना के बाद से आरोपी पति फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
सवाल जो खड़े हो रहे हैं……….
प्रसूता की शिकायत के बावजूद पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
नवजात और मां की सुरक्षा की अब जिम्मेदारी कौन लेगा?
घरेलू हिंसा के मामलों में त्वरित सुरक्षा व्यवस्था कब मजबूत होगी?