भारत-नेपाल सीमा पर टास्कफोर्स का सख्त पहरा, हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर

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भारत-नेपाल सीमा पर टास्कफोर्स का सख्त पहरा, हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर

भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती: तस्करी से लेकर वन्यजीव अपराध तक पर कड़ा प्रहार

सीमा सुरक्षा को नई धार: टास्कफोर्स ने बढ़ाई चौकसी, संयुक्त ऑपरेशन तेज

तोता पालना भी जुर्म: भारत-नेपाल बॉर्डर पर कानून का सख्त संदेश

शारदा से सीमा स्तंभ तक पहरा: अपराधियों के लिए नहीं रहेगी कोई जगह

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

पीलीभीत। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई का दायरा और सख्त कर दिया है। गांधी सभागार में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय टास्कफोर्स बैठक में भूपेन्द्र एस. चौधरी और अजय कुमार साहनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में सीमा स्तंभों की सुरक्षा, जाली मुद्रा, मानव तस्करी, खाद-खाद्यान्न की तस्करी, वाहन चोरी, मादक पदार्थों की आवाजाही और अवैध कटान जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल खाद और खाद्यान्न तस्करी से जुड़ा कोई ठोस इनपुट नहीं है, लेकिन मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर चौकसी और बढ़ाई जाएगी। इसके लिए एसएसबी, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त ऑपरेशन पर जोर दिया गया, ताकि सीमावर्ती गांव अपराधियों के ठिकाने न बनें।

पेट्रोल, बालू और शारदा में अवैध शिकार पर कसेंगे शिकंजा

जिला पूर्ति अधिकारी को पेट्रोल तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए, जबकि खनन विभाग को बालू के अवैध दोहन पर कड़ी कार्रवाई के लिए अल्टीमेटम मिला। शारदा नदी में अवैध मछली शिकार और वन क्षेत्रों में गैरकानूनी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के आदेश जारी हुए। प्रवासी पक्षियों के शिकार पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

तोता पालना भी अपराध, होगी कानूनी कार्रवाई

बैठक में वन्यजीव संरक्षण कानूनों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि तोते पालना या उनकी खरीद-फरोख्त करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नियमित आवाजाही पर नजर, पिलर्स की सुरक्षा होगी पुख्ता

डीआईजी ने सीमा क्षेत्र में रोजाना आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। एसएसबी कमांडेंट को सीमा स्तंभों की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा गया। साथ ही वन्यजीव अपराधों और संभावित आतंकी या माओवादी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

सीमावर्ती गांवों तक पहुंचे विकास

बैठक में यह भी तय हुआ कि सीमावर्ती गांवों के पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिलाया जाए, ताकि सुरक्षा के साथ विकास की रफ्तार भी बनी रहे। बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का संदेश साफ है—सीमा पर निगरानी और कानून का पहरा अब और मजबूत होगा।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta