हाईराइज रेस्क्यू में नई क्रांति, बरेली फायर विभाग के बेड़े में शामिल हुआ अब मल्टी डिजास्टर रेस्पांस व्हीकल

CFO मनु शर्मा
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CFO मनु शर्मा

हाईराइज रेस्क्यू में नई क्रांति, बरेली फायर विभाग के बेड़े में शामिल हुआ अब मल्टी डिजास्टर रेस्पांस व्हीकल

आग से आगे अब हर आपदा से मुकाबला, बरेली मे फायर ब्रिगेड को मिला हाईटेक एमडीआर वाहन

अब न क्रेन का इंतजार, न अंधेरे की बाधा — बरेली फायर टीम हुई अत्याधुनिक संसाधनों से लैस

बरेली फायर ब्रिगेड के बेड़े में जुड़ा आधुनिक मल्टी डिजास्टर रेस्पांस वाहन

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। शहर में लगातार बढ़ती आपदाओं, हादसों और ऊंची इमारतों की चुनौतियों को देखते हुए फायर विभाग ने अपनी क्षमताओं को नया विस्तार दिया है। अब फायर ब्रिगेड केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर तरह की आपदा में त्वरित राहत और बचाव कार्य करने में सक्षम होगी। विभाग के बेड़े में आधुनिक मल्टी डिजास्टर रेस्पांस (एमडीआर) वाहन शामिल कर लिया गया है, जिसका ट्रायल भी शुरू हो चुका है।

फंसे लोगों और पशुओं को तुरंत राहत

अब तक नालों, गड्ढों या दुर्घटनास्थलों पर किसी व्यक्ति या पशु के फंसने की स्थिति में निजी क्रेन का सहारा लेना पड़ता था, जिससे राहत कार्य में देरी होती थी।

नए एमडीआर वाहन में लगी हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से अब ऐसे मामलों में मौके पर ही तत्काल रेस्क्यू किया जा सकेगा।

वाहन में मौजूद प्रमुख सुविधाएं :- 

पानी का टैंक

हाई पावर फ्लैश लाइट

अत्याधुनिक रेस्क्यू टूल्स

दरवाजा काटने के कटर

18 फुट तक देखने वाला जूम कैमरा

जनरेटर व यूपीएस बैकअप सिस्टम

18 फुट अंदर तक नजर रखने वाला जूम कैमरा

एमडीआर वाहन की सबसे बड़ी खासियत इसका विशेष जूम कैमरा है। इसे किसी भी संकरी दरार, छेद या मलबे के भीतर डालकर करीब 18 फुट अंदर तक स्पष्ट दृश्य प्राप्त किया जा सकता है।

इससे जली या क्षतिग्रस्त इमारतों के अंदर फंसे लोगों या जानवरों की पहचान तेजी से संभव होगी।

रात या अंधेरे में राहत कार्य के लिए जनरेटर की व्यवस्था है, जबकि तकनीकी खराबी की स्थिति में यूपीएस बैकअप सपोर्ट देगा।

42 मीटर तक ऊंची इमारतों के लिए तैयारी

वर्तमान में जिले के फायर टेंडर केवल लगभग 15 मीटर ऊंचाई तक ही प्रभावी कार्रवाई कर पाते हैं, जबकि शहर में अब 42.5 मीटर तक ऊंची इमारतें मौजूद हैं।

इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मुख्यालय को दो हाईराइज प्लेटफॉर्म वाहनों का प्रस्ताव भेजा है। इनके उपलब्ध होने के बाद 42 मीटर तक ऊंचाई पर रेस्क्यू और आग पर नियंत्रण संभव हो सकेगा।

विभाग का दावा — हर आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) मनु शर्मा के अनुसार, एमडीआर वाहन के शामिल होने से विभाग की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ेगी। आग की घटनाओं के अलावा सड़क हादसे, भवन ढहने और अन्य आपदाओं में भी तेजी से राहत पहुंचाई जा सकेगी।

नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों से लैस यह पहल शहरवासियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। अब किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड पहले से अधिक सक्षम और तत्पर दिखाई देगी।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta