बरेली कॉलेज में एनएसएस का एकदिवसीय शिविर, आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर हुआ मंथन

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बरेली कॉलेज में एनएसएस का एकदिवसीय शिविर, आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर हुआ मंथन

‘क्राय फॉर हेल्प’ को पहचानना जरूरी, युवाओं को आत्मसंयम का संदेश

एनएसएस शिविर में छात्राओं को समझाया गया जीवन का महत्व, विशेषज्ञों ने दिए निवारण के उपाय

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। बरेली कॉलेज बरेली की एनएसएस छात्रा इकाई प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को प्रथम एकदिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की वंदना एवं पुष्पार्चन के साथ हुई।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के उद्देश्य, महत्व एवं सामाजिक भूमिका की जानकारी दी गई। पूर्व एनएसएस स्वयंसेवक अनमता जावेद ने एनएसएस की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है। इस दौरान छात्राओं ने एनएसएस गीत की सुमधुर प्रस्तुति देकर माहौल को प्रेरणादायक बना दिया।

द्वितीय सत्र में मनोविज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुविधा शर्मा ने ‘युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति: कारण एवं निवारण’ विषय पर व्याख्यान दिया। सत्र के आरंभ में उन्होंने विश्रांति सत्र के माध्यम से स्वयंसेवकों को आत्मसंयम और मानसिक संतुलन बनाए रखने की विधियां सिखाईं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि हीन भावना, मानसिक तनाव, आर्थिक या शारीरिक परेशानियां, असफलता का भय और जल्दी सफलता पाने की चाह युवाओं को निराशा की ओर धकेल देती है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या करने वाला व्यक्ति प्रायः एक बार सहायता के लिए संकेत देता है, जिसे उन्होंने “क्राय फॉर हेल्प” कहा। यदि समय रहते इस संकेत को पहचान लिया जाए और उचित सहयोग मिल जाए, तो ऐसे घातक कदम को रोका जा सकता है।

उन्होंने योग, संवाद और आत्मसंयम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताते हुए स्वयंसेवकों से इन उपायों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमिता गुप्ता, डॉ. अजिता सिंह तिवारी, एम.एड. प्रभारी प्रो. प्रतिभा शर्मा, प्रो. गोसिया सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta