
देवरनिया में पुलिस बनाम लुटेरे: मुठभेड़ में ढेर हुआ हौसला, एक बदमाश गोली लगने से घायल
महिला लूट कांड का फुल खुलासा: देवरनिया पुलिस की घेराबंदी में तीन शातिर दबोचे गए
लुटेरों की गोलियों का जवाब गोलियों से: देवरनिया पुलिस ने मुठभेड़ में किया खेल खत्म
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। देवरनिया थाना क्षेत्र में महिला से लूट की वारदात करने वाले बदमाशों पर पुलिस का शिकंजा आखिरकार कस ही गया। 18 जनवरी 2026 की सनसनीखेज लूट का देवरनिया पुलिस ने मुठभेड़ के बाद खुलासा करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस को यह सफलता मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर मिली। थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी के नेतृत्व में टीम ने ग्राम इटौआ की ओर से आ रहे संदिग्धों को घेर लिया। खुद को चारों ओर से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश धराशायी हो गया, जबकि उसके दो साथी मौके से दबोच लिए गए।
शत-प्रतिशत लूट का माल बरामद
पुलिस ने बदमाशों के पास से लूटे गए सभी आभूषण, ₹5600 नगद, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई स्पलेंडर मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे (315 बोर), जिंदा व खोखा कारतूस और नाजायज चाकू बरामद किए हैं। इससे साफ हो गया कि यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था।
एक और लूट का भी खुलासा
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरफ्तार बदमाशों ने 01 फरवरी 2026 को थाना भोजीपुरा क्षेत्र में एक दंपत्ति से भी लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस मामले से जुड़ा मोबाइल और नकदी भी पुलिस ने बरामद कर ली है, जिससे अपराधियों के नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं।
थाना प्रभारी की रणनीति लाई रंग
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी की रणनीतिक सोच, तेज निर्णय क्षमता और फील्ड लीडरशिप की अहम भूमिका रही। उनकी सक्रिय कार्यशैली का असर अब साफ दिख रहा है—अपराधियों में खौफ और आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है और आगे और भी खुलासे संभव हैं।