
बरेली में अवैध मस्जिद पर प्रशासन की कार्रवाई, कोर्ट आदेश के बाद चला बुलडोजर
पिपरिया गांव में ध्वस्तीकरण: अदालत के निर्देश पर हटाया गया अवैध धार्मिक निर्माण
न्यायालय के आदेश पर बड़ा एक्शन, भोजीपुरा में अवैध ढांचे को किया गया ध्वस्त
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रशासन ने भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में बड़ी कार्रवाई की है। गांव में बने एक कथित अवैध धार्मिक निर्माण को अदालत के आदेश के बाद ध्वस्त किया जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह निर्माण लगभग 300 वर्गगज क्षेत्रफल में किया गया था, जिसे नियमों के विपरीत पाया गया। लंबे समय से विवाद के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा था, जहां सुनवाई के उपरांत निर्माण हटाने के निर्देश जारी किए गए।
अदालत के आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण की यह प्रक्रिया न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए कार्रवाई करना उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, गांव बना छावनी
किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद
पीएसी के जवान तैनात
गांव के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग
बाहरी लोगों की आवाजाही पर निगरानी
भीम आर्मी नेताओं को रोका गया…….
कार्रवाई की सूचना पर कुछ सामाजिक संगठन से जुड़े नेता गांव की ओर बढ़े, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मौके पर पहुंचने से पहले ही रोक लिया। अधिकारियों ने साफ कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायिक आदेश पर आधारित है और इसमें किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कराई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माणों पर सख्ती जारी
प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत बरेली में लगातार अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पिपरिया गांव की यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।