
1000 करोड़ की ठगी पर एसएसपी का प्रहार: दो बड़े फ्रॉड हिस्ट्रीशीटर, संपत्तियों की होगी नीलामी
राजेश जेल में, गुलाटी फरार: बरेली के सबसे बड़े ठगों पर गैंगस्टर एक्ट की पुलिस प्रशासन तैयार
चिटफंड फ्रॉड का किंगपिन बेनकाब: 61 मुकदमों वाला गुलाटी पुलिस रडार पर
निवेशकों की उम्मीद जगी: 1000 करोड़ ठगी केस में एसएसपी अनुराग आर्य की सख्त कार्रवाई
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। बरेली में बीते एक दशक से निवेशकों को चिटफंड और कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करीब 1000 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले दो कुख्यात आरोपियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी अनुराग आर्य (IPS) के निर्देश पर इन दोनों को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया गया है। अब उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत सील कर नीलाम करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, 200 करोड़ की ठगी के आरोपी राजेश मौर्य इस समय जेल में बंद है, जबकि 800 करोड़ रुपये की ठगी का मुख्य आरोपी कन्हैया गुलाटी अब भी फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं। गुलाटी के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया है और उसके करीबी सहयोगी भी पुलिस के रडार पर हैं।
61 मुकदमों का रिकॉर्ड, फिर भी सालों तक बचता रहा गुलाटी
कैनविज ग्रुप के एमडी कन्हैया गुलाटी के खिलाफ अब तक उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में कुल 61 आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 55 मुकदमे अकेले बरेली जनपद के प्रेमनगर, सुभाषनगर, बारादरी, फरीदपुर, नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी थानों में दर्ज हैं।
इसके अलावा अयोध्या, कासगंज, शाहजहांपुर, झारखंड के रांची और बिहार के बेगूसराय में भी उस पर केस दर्ज हैं। आरोप है कि पहले पुलिस की ढिलाई और मिलीभगत के चलते अधिकांश मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई, जिससे गुलाटी लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा।
एसआईटी बनी, दबिश तेज
एसएसपी के आदेश पर गुलाटी से जुड़े मामलों की जांच एसपी ट्रैफिक मो. अकमल खान के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है। हालांकि आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। वहीं ठगी के शिकार निवेशक लगातार प्रशासन से अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
राजेश मौर्य पर शिकंजा कस चुका
ग्रीन पार्क क्षेत्र में श्रीगंगा इन्फ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से ठगी का नेटवर्क चलाने वाला राजेश मौर्य अब जेल में है। वर्ष 2018 में रकम वापस न मिलने से नाराज निवेशकों ने उसके कार्यालय पर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद वह परिवार समेत फरार हो गया था। पुलिस ने बाद में उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि…….
“कैनविज ग्रुप के एमडी कन्हैया गुलाटी और श्रीगंगा इन्फ्रासिटी के डायरेक्टर राजेश मौर्य की हिस्ट्रीशीट थाना बारादरी में खोली जा चुकी है। दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और निवेशकों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।”