
बरेली में शिक्षा व्यवस्था शर्मसार, परीक्षा ड्यूटी निभाना पड़ा शिक्षक को भारी बीच मार्किट शिक्षक पिटाई
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। शिक्षा को अनुशासन और संस्कार सिखाने वाला शिक्षक जब अपनी जिम्मेदारी निभाता है, तो उसी के बदले अगर उसे जान से मारने की कोशिश की जाए, तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस्लामिया इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षक सुरक्षा और परीक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
जानकारी के मुताबिक, कॉलेज में फिजिक्स प्रैक्टिकल परीक्षा चल रही थी।
परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षक फरहान काज़ी छात्रों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान एक छात्र खुलेआम नकल करता पाया गया। शिक्षक ने नियमों के तहत छात्र को नकल न करने की सख्त चेतावनी दी, लेकिन यह बात छात्र को नागवार गुजरी।
नकल पर रोक लगते ही छात्र आपा खो बैठा और गुस्से में परीक्षा छोड़कर बाहर निकल गया।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद आरोपी छात्र अपने साथियों के साथ कालीबाड़ी रोड पर पहुंचा और रास्ते में शिक्षक फरहान काज़ी को घेर लिया।
आरोप है कि छात्र ने हॉकी से शिक्षक पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल शिक्षक को किसी तरह बचाया और घटना की सूचना पुलिस को दी। घायल शिक्षक को इलाज के लिए भेजा गया।
घटना के बाद शिक्षक फरहान काज़ी ने कोतवाली बारादरी थाना में आरोपी छात्र के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घायल शिक्षक का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि परीक्षा के दौरान शिक्षक अब सुरक्षित नहीं हैं।
अनुशासन लागू करना अपराध बनता जा रहा है और नकल रोकने पर शिक्षक को जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। सवाल यह है कि अगर शिक्षक ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो शिक्षा व्यवस्था कैसे सुधरेगी?