
ईरान में हालात बेकाबू, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जताई गहरी चिंता
हिंसक प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश, अमेरिका–इस्राइल पर लगाया आरोप
विरोध लोकतंत्र का अधिकार, लेकिन हिंसा किसी सूरत में जायज़ नहीं: मौलाना
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली | ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने ईरान में चल रही उथल-पुथल को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। गुरुवार को जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान की मौजूदा स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और वहां हो रहे हिंसक प्रदर्शन किसी सामान्य आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं।
मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि ईरान में अशांति फैलाने के पीछे अमेरिका और इस्राइल की गहरी साजिश काम कर रही है। उनका कहना है कि वर्षों से लगाए जा रहे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया गया, ताकि वहां अस्थिरता पैदा की जा सके।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान की सत्ता व्यवस्था को बदलना चाहता है और मौजूदा नेतृत्व को हटाकर पूर्व शासक रजा शाह पहलवी के बेटे को सत्ता में लाने की कोशिशें कर रहा है। हालांकि मौलाना रजवी ने साफ कहा कि ईरान की जनता कभी भी किसी विदेशी समर्थित नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेगी।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि भारत और भारत के मुसलमान हमेशा दुनिया में अमन, चैन और भाईचारे की दुआ करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश पर दबाव डालने की नीति और कथित वैश्विक तानाशाही का अंत होना चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शन और आंदोलन को लोकतंत्र का हिस्सा बताते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का हक है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, तोड़फोड़ और निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालना किसी भी लिहाज से सही नहीं ठहराया जा सकता!