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नए रोजगार कानून के विरोध में भाकपा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

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नए रोजगार कानून के विरोध में भाकपा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा मंगलवार को नए रोजगार कानून के विरोध में प्रदर्शन किया गया। पार्टी पदाधिकारी राजेश तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एडीएम सिटी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को भेजा।

राजेश तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर लागू किए गए “वीबी-जी राम – विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” कानून के खिलाफ खेत मजदूर संगठनों ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में जहां पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत धनराशि वहन करती थी, वहीं नए कानून में राज्यों पर 40 प्रतिशत वित्तीय भार डाला गया है, जो अधिकांश राज्यों के लिए संभव नहीं है।

उन्होंने आशंका जताई कि इस बदलाव से योजना के क्रियान्वयन पर असर पड़ेगा और ग्रामीण मजदूरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मनरेगा को पूर्व व्यवस्था के साथ बहाल किया जाए, साल में 200 दिन का रोजगार, 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी, 55 वर्ष की आयु के बाद 10 हजार रुपये मासिक पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाए।

इसके अलावा आंदोलनकारियों ने गिरफ्तार किए गए वामपंथी नेताओं की रिहाई और श्रम कानूनों को पुनः लागू करने की भी मांग उठाई। ज्ञापन सौंपने के दौरान हरीबाबू, महेश कुमार, सतीश, वीरपाल, ऋषिपाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta