बरेली में कैनविज घोटाले के आरोपी कन्हैया गुलाटी पर गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
बरेली। कैनविज ग्रुप के जरिए देशभर के निवेशकों से सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है।
बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी के निर्देश पर गुलाटी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है।
इसके साथ ही उसकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कन्हैया गुलाटी और उसके नेटवर्क के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 40 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें अकेले बरेली जिले में 34 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा शाहजहांपुर में दो, अयोध्या और कासगंज में एक-एक, बिहार के बेरो और झारखंड की राजधानी रांची में भी एक-एक मामला दर्ज है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, स्टेडियम रोड निवासी कन्हैया लाल गुलाटी पर करीब 800 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर फरार होने का आरोप है।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि दर्ज मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
साथ ही न्यायालय में लंबित मामलों में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी कराई जा रही है, ताकि दोषियों को अधिकतम सजा दिलाई जा सके।
उन्होंने बताया कि गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत गैंग पंजीकरण, हिस्ट्रीशीट खोलने और संपत्ति जब्तीकरण की प्रक्रिया प्रचलित कर दी गई है।
करीबी सहयोगियों की भी संपत्ति खंगालेगी
पुलिस जांच में गुलाटी के करीबी सहयोगियों के रूप में इज्जतनगर के उदित पार्ट-2 निवासी मोहम्मद यासीन और डीडीपुरम निवासी आशीष महाजन के नाम सामने आए हैं।
इन दोनों के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनकी चल-अचल संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है।
डीआईजी ने स्पष्ट किया है कि गुलाटी के साथ ठगी में शामिल सभी व्यक्तियों और भविष्य में चिन्हित होने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी।
भाजपा जिला कोषाध्यक्ष से 13 लाख की ठगी का केस दर्ज
कैनविज चिटफंड घोटाले में एक और अहम मामला सामने आया है।
भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने किला थाने में 13 लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है।
इस मामले में कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, बेटे गोपाल गुलाटी समेत अन्य को नामजद किया गया है।
पीड़ित के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले खुद को कैनविज कंपनी का अधिकारी बताने वाले लोगों ने 20 महीनों में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश कराया।
शुरुआत में ब्याज देकर भरोसा जीता गया और बाद में उनके व उनकी पत्नी के नाम पर बड़ी रकम निवेश करवा ली गई।
बहानों से टालमटोल, फिर फरार हुआ गिरोह
जब निवेश पर ब्याज मिलना बंद हुआ तो गुलाटी के गुर्गों ने तकनीकी खामी और सॉफ्टवेयर अपडेट जैसे बहाने बनाकर भुगतान टालना शुरू कर दिया।
बाद में कन्हैया गुलाटी के फरार होने की जानकारी सामने आई।
खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।