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बंगाल मे सॉफ्ट हिंदुत्व की नई चाल? सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर का दांव, BJP की पिच पर ममता बनर्जी की एंट्री

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बंगाल मे सॉफ्ट हिंदुत्व की नई चाल? सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर का दांव, BJP की पिच पर ममता बनर्जी की एंट्री

रिपोर्ट : कोलकाता

कोलकाता !  पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक विमर्श केंद्र में आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में भव्य महाकाल मंदिर के निर्माण की घोषणा कर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इस ऐलान को सीधे तौर पर हिंदू वोटरों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

महाकाल मंदिर और ममता की नई राजनीति

दीघा में जगन्नाथ मंदिर परियोजना के बाद अब सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर की घोषणा यह संकेत देती है कि तृणमूल कांग्रेस अब खुलकर ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की राह पर आगे बढ़ रही है। उत्तर बंगाल, जहां BJP का प्रभाव लगातार बढ़ा है, वहां यह कदम राजनीतिक संतुलन बदलने की कोशिश माना जा रहा है।

चुनावी टाइमिंग और रणनीति

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आगामी चुनावों से पहले मंदिर निर्माण जैसे फैसले यह दर्शाते हैं कि ममता बनर्जी अब BJP के हिंदुत्व एजेंडे को उसी की भाषा में चुनौती देना चाहती हैं।

गंगासागर पुल, धार्मिक पर्यटन और मंदिर परियोजनाएं—इन सबके जरिए वे अपनी सरकार पर लगने वाले ‘हिंदू विरोधी’ आरोपों को कमजोर करने की कोशिश में हैं।

BJP को सीधी चुनौती

जहां BJP लंबे समय से ममता सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाती रही है, वहीं TMC अब यह संदेश देना चाहती है कि

आस्था पर अधिकार किसी एक पार्टी का नहीं।

❓ बड़ा सवाल

क्या यह महज चुनावी रणनीति है या फिर ममता बनर्जी की राजनीति में वाकई कोई वैचारिक बदलाव?

🔴 आपकी राय क्या है?

रिएक्शन दीजिए 👇

👍 BJP के हिंदुत्व एजेंडे को उसी की पिच पर जवाब

😂 चुनाव आते ही सबको मंदिर याद आ जाते हैं

🙏 हिंदू वोट तो आखिरकार BJP के साथ ही रहेगा

❤️ आस्था और विकास का संतुलन जरूरी है

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Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta