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प्रेमनगर रेस्टोरेंट कांड: खुद को बचाने के लिए सोशल मीडिया पर उतरा आरोपी ऋषभ ठाकुर, रखा अपना पछ
रिपोर्ट/सौरभ गुप्ता
‘सनातन रक्षा’ की आड़ में हिंसा को सही ठहराने की कोशिश
बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर स्थित रेस्टोरेंट में नर्सिंग छात्रा की बर्थडे पार्टी के दौरान हुए हंगामे के मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने अब सोशल मीडिया को अपना बचाव मंच बना लिया है।
पुलिस कार्रवाई के बाद फंसता देख आरोपी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताने की कोशिश की है, लेकिन यह वीडियो उसके खिलाफ ही कई सवाल खड़े कर रहा है।
वीडियो में ऋषभ ठाकुर ने दावा किया कि वह और उसके साथी “सनातन की रक्षा” के लिए रेस्टोरेंट पहुंचे थे।
हालांकि, सवाल यह है कि क्या किसी निजी रेस्टोरेंट में घुसकर महिलाओं के साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और हंगामा करना सनातन की रक्षा कहलाता है?
पुलिस पर आरोप, लेकिन सवालों के जवाब नहीं
ऋषभ ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि उसके छह साथियों को जेल भेज दिया गया है।
उसने यह भी दावा किया कि उसके पिता को थाने में बैठाया गया, जबकि वे घटना से जुड़े नहीं हैं।
हालांकि, आरोपी यह नहीं बता पाया कि किस कानून के तहत उसे और उसके साथियों को कानून हाथ में लेने का अधिकार मिला।
पहले भी रहा है विवादों से नाता
यह पहला मौका नहीं है जब ऋषभ ठाकुर का नाम विवादों में आया हो।
इससे पहले वह देवबंदी उलेमा महमूद मदनी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर और पोस्ट शौचालय की दीवारों पर लगाने के मामले में भी चर्चा में रहा है। उस वक्त भी मामला सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश से जुड़ा बताया गया था।
वीडियो से बचाव या दबाव की रणनीति?
जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो जारी करना अब आरोपियों की आम रणनीति बनती जा रही है, ताकि जांच एजेंसियों पर दबाव बनाया जा सके। पुलिस सूत्रों का साफ कहना है कि वीडियो नहीं, बल्कि सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर ही कार्रवाई होगी।