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किसानों के 70 करोड़ बकाये पर बड़ा फैसला, 180 करोड़ की नवाबगंज चीनी मिल की बिक्री की तैयारी

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70 करोड़ के कर्ज में डूबी नवाबगंज चीनी मिल बिकेगी, 180 करोड़ आंकी कीमत; प्रशासन ने खरीदार तलाशे

किसानों के 70 करोड़ बकाये पर बड़ा फैसला, 180 करोड़ की नवाबगंज चीनी मिल की बिक्री की तैयारी

बकाया चुकाने को बिकेगी नवाबगंज चीनी मिल, तकनीकी टीम ने 180 करोड़ लगाया मूल्य

रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता

बरेली। गन्ना किसानों के करीब 70 करोड़ रुपये के बकाये के चलते नवाबगंज चीनी मिल को बेचने की तैयारी शुरू हो गई है। पुणे स्थित बसंत दादा शुगर इंस्टीट्यूट की तकनीकी टीम के मूल्यांकन में पूरी चीनी मिल की कीमत करीब 180 करोड़ रुपये आंकी गई है। मूल्यांकन रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने संभावित खरीदारों की तलाश शुरू कर दी है। मिल की बिक्री से मिलने वाली धनराशि से किसानों के बकाये का भुगतान करने की योजना है।

तीन साल से भुगतान को लेकर चल रही कवायद

नवाबगंज चीनी मिल पर किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान लंबे समय से लंबित है। प्रशासन की ओर से मिल प्रबंधन पर कई बार भुगतान का दबाव बनाया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शासन के निर्देश पर मिल प्रबंधन और संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। इसके बाद बकाये की वसूली के लिए आरसी जारी कर मिल की संपत्ति और जमीन कुर्क करने की कार्रवाई की गई।

15.48 करोड़ के बकाये से शुरू हुआ सिलसिला

पेराई सत्र 2023-24 में मिल पर किसानों का कुल 107.12 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया था। इसमें से 91.64 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 15.48 करोड़ रुपये शेष रह गए। इसके अगले सत्र 2024-25 में मिल ने किसानों से 39.45 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया जा सका। इससे मूल बकाया बढ़कर 54.93 करोड़ रुपये हो गया। ब्याज समेत अब किसानों की देनदारी करीब 70 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है।

भुगतान न होने से पिछले सत्र में नहीं मिला गन्ना

किसानों का पुराना भुगतान लंबित होने के कारण पिछले पेराई सत्र में मिल को गन्ने का आवंटन नहीं किया गया था। भुगतान कराने के लिए किए गए प्रयास भी सफल नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन ने मिल की बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

तकनीकी टीम ने किया मूल्यांकन

मिल की वास्तविक कीमत तय करने के लिए बसंत दादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे की तीन सदस्यीय तकनीकी टीम ने निरीक्षण और मूल्यांकन किया। टीम ने पूरी चीनी मिल की अनुमानित कीमत करीब 180 करोड़ रुपये निर्धारित की है। इसी मूल्यांकन को आधार बनाकर अब बिक्री की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मिल की बिक्री के लिए एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति संभावित खरीदारों से संपर्क कर रही है। जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी के अनुसार, इस बार केवल मिल की जमीन बेचने के बजाय पूरी चीनी मिल की बिक्री की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बिक्री पूरी होने के बाद उससे मिलने वाली रकम से किसानों के लंबे समय से लंबित भुगतान का रास्ता साफ हो सकेगा।

Saurabh Gupta
Author: Saurabh Gupta