
बरेली मे ओटीएस में आवेदन किया तो समय पर जमा करें बकाया, वरना खत्म हो जाएगी ब्याज माफी
6.85 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष अब तक सिर्फ 1.45 करोड़ जमा, 549 भवन स्वामियों ने ही किया भुगतान
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत बकाया कर पर ब्याज माफी का लाभ लेने वाले भवन स्वामी समय सीमा को लेकर लापरवाही न बरतें। आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित तारीख तक मूल बकाया राशि जमा नहीं की तो ब्याज माफी का लाभ समाप्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में गृहकर, जलकर और सीवरकर का बिल फिर पुराने स्वरूप में बहाल कर दिया जाएगा। नगर निगम ने भवन स्वामियों से समय रहते भुगतान कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।
12 प्रतिशत ब्याज से राहत का मौका
शासन की ओर से ओटीएस के तहत वर्षों से लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर पर लगने वाले 12 प्रतिशत साधारण ब्याज को माफ करने की व्यवस्था की गई है। इसका लाभ लेने के लिए भवन स्वामियों को पहले आवेदन करना होता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद तय समय सीमा में मूल बकाया राशि जमा करना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर ब्याज माफी की सुविधा नहीं मिलेगी।
छह हजार आवेदन आए, 3600 का निस्तारण
नगर निगम की ओर से योजना का प्रचार-प्रसार किए जाने के बावजूद आवेदन की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। इसके बाद अधिक से अधिक भवन स्वामियों को योजना से जोड़ने के लिए घर-घर संपर्क अभियान शुरू किया गया। अब तक करीब छह हजार आवेदन नगर निगम को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3600 आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है।
6.85 करोड़ की मांग, जमा हुए सिर्फ 1.45 करोड़
निस्तारित आवेदनों के आधार पर नगर निगम ने 6.85 करोड़ रुपये की राजस्व मांग निर्धारित की है। हालांकि, इसके सापेक्ष अब तक 549 भवन स्वामियों ने ही 1.45 करोड़ रुपये जमा किए हैं। बाकी भवन स्वामियों की ओर से भुगतान किया जाना है। नगर निगम अधिकारियों का जोर है कि लाभार्थी अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना बकाया राशि जमा कर दें, ताकि उन्हें ब्याज माफी का लाभ मिल सके।
तय तारीख के बाद नहीं मिलेगी राहत
“मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी” ने बताया कि आवेदन का निस्तारण होने के बाद भवन स्वामी को जारी पत्र में बकाया राशि और भुगतान की अंतिम तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज की जाती है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ओटीएस का लाभ समाप्त हो जाएगा और कर बिल पहले की स्थिति में बहाल कर दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समय सीमा बीतने के बाद नगर निगम स्तर से किसी तरह की छूट या रियायत देना संभव नहीं होगा। ऐसे में भवन स्वामी भुगतान की तारीख का विशेष ध्यान रखें और समय रहते बकाया जमा कर योजना का लाभ उठाएं।