
‘एक लाख लेकर मामला रफा-दफा करो’… फैक्ट्री मजदूर की मौत पर हत्या की FIR, प्रबंधन पर गंभीर आरोप
सुपीरियर फैक्ट्री में मौत का रहस्य गहराया, CCTV छिपाने के आरोप के बीच चार पर हत्या का मुकदमा
मजदूर की मौत या साजिश? बेटे ने खोला मोर्चा, प्रबंधक-एचआर समेत चार के खिलाफ हत्या का केस
पहले मौत, फिर समझौते की पेशकश… सुपीरियर फैक्ट्री पर उठे बड़े सवाल, पुलिस जांच तेज
रिपोर्ट : सौरभ गुप्ता
बरेली। सीबीगंज स्थित सुपीरियर शराब फैक्ट्री में मजदूर सत्यपाल सागर की मौत का मामला अब महज औद्योगिक हादसा नहीं रह गया है। मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने फैक्ट्री के प्रबंधक, एचआर अधिकारी, सुपरवाइजर और लोडर चालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि पूरी घटना को दुर्घटना का रूप देकर सच्चाई दबाने की कोशिश की गई और बाद में समझौते का दबाव भी बनाया गया।
धीरपुर निवासी सत्यपाल सागर फैक्ट्री के बॉयलर सेक्शन में भूसी डालने का कार्य करते थे। 15 जुलाई को परिजनों को फैक्ट्री से फोन कर उनकी मौत की सूचना दी गई। बेटा गौतम कुमार जब मौके पर पहुंचा तो पहले बताया गया कि पिता को अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन कुछ ही देर बाद एंबुलेंस में उनका शव वापस लाया गया। इसके बाद परिजनों को घटना पर संदेह होने लगा।
‘एक लाख रुपये ले लो, कार्रवाई मत करो’ का आरोप
मृतक के बेटे का आरोप है कि जब परिवार ने मौत की वजह पूछी तो फैक्ट्री प्रबंधन ने कहा कि सत्यपाल भूसी के टैंक में गिर गए थे। इसके बाद कथित तौर पर परिवार को एक लाख रुपये नकद देने और मृतक की पत्नी को आजीवन पेंशन दिलाने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि कानूनी कार्रवाई न की जाए। परिजनों ने इसे सच्चाई छिपाने की कोशिश बताते हुए ठुकरा दिया।
CCTV फुटेज दिखाने से इनकार, बढ़ा शक
गौतम कुमार का कहना है कि परिवार ने घटना की सच्चाई जानने के लिए फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की, लेकिन प्रबंधन ने फुटेज दिखाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि उन्हें फैक्ट्री परिसर से बाहर निकलवा दिया गया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।
हत्या की आशंका, चार लोगों पर केश
तहरीर में कहा गया है कि सत्यपाल पूरी तरह स्वस्थ थे और फैक्ट्री प्रबंधन का व्यवहार संदेह पैदा करता है। इसी आधार पर बेटे ने प्रबंधक, एचआर अधिकारी, सुपरवाइजर और लोडर चालक पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीबीगंज इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है संदिग्ध मौत
सुपीरियर इंडस्ट्रीज का नाम इससे पहले भी ऐसे विवाद में सामने आ चुका है। करीब दो वर्ष पूर्व फैक्ट्री में कार्यरत मजदूर ताराचंद की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस समय भी परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। लगातार दूसरी घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।